कैलाश चीनी कारखाना फिर से शुरू किया जाएगा: मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 05 सितम्बर, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कैलारस चीनी कारखाना फिर से शुरू किया जाएगा। इससे क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज से बेहतर लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मुरैना में दुग्ध समितियों के माध्यम से दुग्ध संग्रहण को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। मुरैना सहित जिले की प्रत्येक नगर पंचायत में गीता भवन का निर्माण किया जाएगा। इन भवनों में नागरिकों को अध्ययन का अवसर मिलेगा। जिले के एक विकास खंड में वृंदावन भवन का भी निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीहोरे से मोरेना स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव और कृषि प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को बेहतर कृषि पद्धतियों की ओर प्रेरित किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुरैना जिला गेहूं, धान, तिलहन और दालों के उत्पादन में अग्रणी रहा है। किसानों को गेहूं की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। खेती के लिए प्रतिदिन 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बागवानी के क्षेत्र में इस क्षेत्र को देश में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। भविष्य में 30 लाख लोगों को सौर पंप उपलब्ध कराने की योजना है। इससे सिंचाई के साथ-साथ बिजली की खपत में भी किसानों को लाभ होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को दुग्ध उत्पादन को आय का एक अतिरिक्त स्रोत बनाना चाहिए और गौपालन को बढ़ावा देना चाहिए। राज्य में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों के लाभ के लिए विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण सुविधा प्रदान की जा रही है। खरीफ और रबी फसलों के लिए ऋण चुकौती अवधि 6 महीने निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर एक वर्ष कर दिया गया है। अब किसान ऋण लेने की तिथि से एक वर्ष के भीतर ऋण चुका सकेंगे। इससे किसानों को बार-बार बैंकों की लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए निरंतर काम कर रही है। किसानों को उन्नत किस्म के बाजरा और सरसों के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य में 25 लाख किसानों को रियायती बीज उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी, गुणवत्तापूर्ण बीज और बेहतर कृषि सुविधाएं प्रदान करके उनकी आय में वृद्धि की जाए।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एडल सिंह कंसाना ने कहा कि मध्य प्रदेश ने देश के अग्रणी कृषि उत्पादक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। इस क्षेत्र के किसान गेहूं, सोयाबीन, चना, दालें, तिलहन और बागवानी के क्षेत्र में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। यह उपलब्धि किसानों की मेहनत, कृषि वैज्ञानिकों के ज्ञान और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है।
कृषि मंत्री एडल सिंह कंसना ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों के लिए अधिक उत्पादन, अधिक उत्पादकता, बेहतर गुणवत्ता, कम लागत, बेहतर मूल्य और अधिक आय सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, न्यूनतम समर्थन मूल्य अधिग्रहण, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती और दलहन-तिलहन मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को लगातार लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि को डिजिटल तकनीक से जोड़ा जा रहा है। ई-डेवलपमेंट सिस्टम के माध्यम से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता भी लाई गई है। इस प्रणाली के माध्यम से क्षेत्र के सभी जिलों में 1 अप्रैल 2026 से उर्वरक वितरण किया जा रहा है। इससे अनावश्यक कतारों, कालाबाजारी और अनियमित वितरण पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलती है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री कंषाना ने प्रगतिशील कृषक राममोहन मीना, गिर्राज आदिवासी, उदय राठौड़, अरविन्द सिंह गुर्जर, बालबिहारी शर्मा, राकेश शर्मा, संजय शर्मा, रामबाबू सिंह, कौशलकिशोर एवं बृजेन्द्र को सम्मानित किया। मेधावी विद्यार्थी हर्ष कुशवाह, ऋचा तोमर, शिवेन्द्र यादव, अमन शर्मा, रागिनी देवी, हर्षित वशिष्ठ, कृतिका सिकरवार, धर्मेन्द्र धाकड़, रियान खान एवं सोनम को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश कुशवाह ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
मोरेना-श्योपुर के सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने किसानों से जैविक खाद अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद का संतुलित उपयोग मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में सहायक होगा। उन्होंने किसानों से आवश्यकतानुसार खाद, बीज और पानी का उपयोग करने की अपील की। सांसद तोमर ने बताया कि क्षेत्र में सिंचित भूमि को लगातार बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। नदियों को जोड़कर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनियाँ लगाई गईं। किसानों ने प्रदर्शनी का दौरा किया और विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर महापौर शारदा सोलंकी, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना, जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव, अतिरिक्त कलेक्टर अश्विनी कुमार रावत, संयुक्त कृषि निदेशक, कृषि उप निदेशक मोरेना और जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
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