आर्य कॉलेज अम्बाला कैंट में दो दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर संपन्न: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 32 छात्राओं ने सीखे योग के गुर

जे कुमार अम्बाला कैंट, 3 जून 2026 : हरियाणा योग आयोग और उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा के निर्देशानुसार, अम्बाला कैंट के प्रतिष्ठित आर्य कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस - 2026 के उपलक्ष्य में दो दिवसीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह विशेष शिविर कॉलेज के शारीरिक शिक्षा विभाग और एन.सी.सी. (NCC) यूनिट के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित हुआ, जिसमें कॉलेज की 32 छात्राओं ने बड़े उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया।

छात्राओं ने किया सूर्य नमस्कार और प्राणायाम का व्यावहारिक अभ्यास

दो दिवसीय इस विशेष सत्र के दौरान सभी 32 प्रतिभागी छात्राओं को विभिन्न योगासनों का गहन व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। शिविर में मुख्य रूप से निम्नलिखित आसनों के सही तरीके और उनके फायदों के बारे में बताया गया:

  • शारीरिक सुदृढ़ता के लिए आसन: छात्राओं को सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन और वज्रासन का अभ्यास कराया गया, जो शरीर को लचीला और मजबूत बनाने में सहायक हैं।

  • प्राणायाम से मानसिक शांति: एकाग्रता बढ़ाने और तनाव को दूर करने के लिए विशेष रूप से प्राणायाम का अभ्यास कराया गया, ताकि छात्राएं शैक्षणिक जीवन में शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ रह सकें।

पुंडरी से आईं डॉ. प्रेम लता ने किया व्यवस्था का निरीक्षण

इस विशेष कार्यक्रम में सी.आई.एस.के.एम.वी. (CISKMV) कॉलेज, पुंडरी की शारीरिक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम लता ने बतौर ऑबजर्वर (पर्यवेक्षक) शिरकत की। उन्होंने दो दिनों तक चली इस पूरी कार्यशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और छात्राओं द्वारा किए जा रहे अभ्यास व योग प्रोटोकॉल का बारीकी से निरीक्षण किया।

योग हमारी प्राचीन संस्कृति का अमूल्य हिस्सा: प्राचार्या प्रोफेसर अंजु बाला

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही आर्य कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर अंजु बाला ने छात्राओं को संबोधित करते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:

"योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति का एक अमूल्य और गौरवशाली हिस्सा है। आधुनिक समय में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ व संतुलित बनाए रखने के लिए नियमित योग करना बेहद आवश्यक है।"

प्राचार्या ने सभी छात्राओं को प्रेरित किया कि वे इस सीख को केवल शिविर तक सीमित न रखें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी योग को अनिवार्य रूप से अपनाएं।

योग और स्वास्थ्य पर विचार गोष्ठी का भी हुआ आयोजन

इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में शारीरिक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्षा एवं सहायक प्रोफेसर डॉ. सरिता चौधरी की मुख्य भूमिका रही। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हमें योग को किसी एक दिन के उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।

इस दो दिवसीय आयोजन के तहत योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण के साथ-साथ एक विचार गोष्ठी (सेमीनार) का भी आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में उपस्थित प्राध्यापकों और विशेषज्ञों ने "स्वास्थ्य और शिक्षा में योग का महत्व" विषय पर गहन चर्चा की। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी छात्राओं और स्टाफ सदस्यों को जीवनभर योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया।

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