राज्य में "प्रधानमंत्री स्वनिधि पखवाड़ा" शुरू हो गया है और यह 15 अगस्त तक चलेगा : मध्यप्रदेश

एन.एस.बाछल, 01 अगस्त, भोपाल।

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स सेल्फ-रिलायंस निधि (पीएम स्वनिधि) योजना देश के शहरी स्ट्रीट वेंडर्स को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और वित्तीय आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में स्थापित की गई है। इस योजना के माध्यम से, पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को चरणबद्ध ऋण, डिजिटल वित्तीय सेवाएं और यूपीआई से जुड़े क्रेडिट कार्ड की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका में सुधार हो रहा है।

शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा 1 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक "विशेष प्रधानमंत्री स्वनिधि पखवाड़ा" का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य योजना के प्रभाव को व्यापक बनाना और शेष पात्र स्ट्रीट वेंडरों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करना है। यह अभियान क्षेत्र के सभी जिलों, शहरी निकायों और संबंधित सेंस टाउन में मिशन मोड कार्यक्रम के रूप में चलाया जाएगा।

इस अभियान का विषय "स्वानिधि से समृद्धि: आत्मनिर्भर शहरी मध्य प्रदेश की ओर" रखा गया है। इस अभियान के माध्यम से वित्तीय समावेशन, डिजिटल सशक्तिकरण, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। जन जागरूकता गतिविधियों, विशेष शिविरों, बैंक समन्वय बैठकों, लाभार्थी संपर्क अभियानों और मीडिया एवं डिजिटल संचार गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र भर में अधिकतम पात्र स्ट्रीट वेंडरों तक पहुंचा जाएगा।

इस विशेष पखवाड़े के दौरान, राज्य सरकार 20 लाख नए आवेदन प्राप्त करने, पहले खारिज किए गए लगभग 2 लाख मामलों की समीक्षा करने, विशेष बीएलबीसी (बैंकर्स लेवल बैंकर्स कमेटी) और डीएलबीसी (जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी) की बैठकें आयोजित करने, प्रधानमंत्री आवास योजना (बीएलसी) के लाभार्थियों के साथ समन्वय स्थापित करने और अभियान के रूप में ऋण और क्रेडिट कार्ड वितरण करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। पात्र स्ट्रीट वेंडरों के ऋण और क्रेडिट कार्ड आवेदनों के शीघ्र समाधान को सुनिश्चित करने के लिए नगर निकायों और बैंकों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा।

इस अभियान के तहत, लंबित ऋण मामलों के शीघ्र निपटान, क्रेडिट कार्ड आवेदनों को बैंकों तक पहुंचाने, स्वीकृत मामलों के वितरण को सुनिश्चित करने, क्रेडिट कार्ड सक्रियण बढ़ाने, डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने और स्ट्रीट वेंडर्स और बैंकर्स के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही, अधिकतम लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए, विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएंगे और स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।

मध्य प्रदेश ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के कार्यान्वयन में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अब तक राज्य में 10.30 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के तहत 16.35 लाख ऋण मामलों के माध्यम से 2,802.84 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि वितरित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, योजना से लाभान्वित होने वाली लाभार्थियों में 40 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

मध्य प्रदेश ने डिजिटल वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। राज्य में 7.17 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर सक्रिय रूप से डिजिटल लेनदेन कर रहे हैं, जिन्हें योजना के तहत 53.85 करोड़ रुपये से अधिक का कैशबैक प्राप्त हुआ है। डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए लाभार्थियों को 30,000 रुपये तक की सीमा वाले यूपीआई-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही, योजना के तहत पहले, दूसरे और तीसरे चरण में पात्र स्ट्रीट वेंडरों को क्रमशः 15 रुपये, 25 रुपये और 50 रुपये तक की क्रेडिट सुविधा प्रदान की जा रही है।

मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में से एक रहा है। राज्य के नगर निकायों ने राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और कई श्रेणियों में शीर्ष स्थान प्राप्त किए हैं। इंदौर नगर निगम द्वारा 41,122 ऋण वितरण देश में सबसे अधिक है। इसी प्रकार, भोपाल नगर निगम, जबलपुर नगर निगम, उज्जैन नगर निगम और सरानी नगर निगम ने भी अपनी-अपनी श्रेणियों में राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख स्थान प्राप्त करके क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

शहरी विकास एवं आवास विभाग ने सभी नगर निकायों, बैंकिंग संस्थानों और संबंधित विभागों से इस विशेष अभियान को जनभागीदारी पर आधारित मिशन के रूप में संचालित करने और योजना के लाभ प्रत्येक पात्र स्ट्रीट वेंडर तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। यह अभियान न केवल स्ट्रीट वेंडरों के आर्थिक उत्थान को गति देगा, बल्कि आत्मनिर्भर शहरी मध्य प्रदेश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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