16/06/26

महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाएगा आयोग: उषा प्रियदर्शी

जे कुमार चंडीगढ़, 16 जून 2026: महिलाओं के हितों, सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों को लेकर राज्य महिला आयोग बेहद गंभीर है। आयोग की नवनियुक्त चेयरपर्सन श्रीमती उषा प्रियदर्शी ने एक विशेष वक्तव्य में कहा कि समाज में आज भी बहुत सी महिलाएं अपने मौलिक और कानूनी अधिकारों से अनभिज्ञ हैं। महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए आयोग जल्द ही पूरे प्रदेश में एक व्यापक और सघन जागरूकता अभियान (Mass Awareness Campaign) शुरू करने जा रहा है।

हर वर्ग की महिला तक पहुंचेगी आयोग की टीम

चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अंतिम छोर पर बैठी महिला को जागरूक करना है।

  • कानूनी अधिकारों की जानकारी: अभियान के तहत महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, कार्यस्थल पर उत्पीड़न (POSH एक्ट), संपत्ति में अधिकार और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति शिक्षित किया जाएगा।

  • स्कूलो-कॉलेजों में सेमिनार: छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करने के लिए प्रदेश के सभी मुख्य सरकारी व निजी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में विशेष कार्यशालाएं (Workshops) और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।

शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए 'आयोग आपके द्वार'

श्रीमती उषा प्रियदर्शी ने बताया कि जागरूकता फैलाने के साथ-साथ पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए 'आयोग आपके द्वार' पहल के तहत जिला स्तर पर खुली जनसुनवाई की जाएगी, ताकि पीड़ित महिलाओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें।

उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता दिखाई जाए और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग का लक्ष्य एक ऐसे सुरक्षित माहौल का निर्माण करना है जहां हर महिला निडर होकर आगे बढ़ सके।

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