जींद में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही: 6 महीने पहले मृत व्यक्ति को अस्पताल में दिखाया भर्ती, फिर जारी किया मृत्यु प्रमाण पत्र
जे कुमार जींद, 16 जून 2026: हरियाणा के जींद जिले से स्वास्थ्य विभाग और एक निजी अस्पताल की मिलीभगत व घोर लापरवाही का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक व्यक्ति की मौत करीब 6 महीने पहले ही हो चुकी थी, लेकिन कागजों में उसे दोबारा एक निजी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती दिखाया गया और उसके बाद नगर परिषद से उसका नया मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) भी जारी करवा दिया गया। इस सनसनीखेज फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है।
बीमा राशि और संपत्ति हड़पने के लिए रची साजिश!
पारिवारिक सूत्रों और पुलिस जांच से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल के पीछे लाखों रुपये की बीमा राशि (Insurance Claim) या पैतृक संपत्ति को हड़पने की गहरी साजिश होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
कागजों में किया 'जिंदा': आरोपी ने शातिराना तरीके से पहले से मृत हो चुके अपने ही परिजन को जींद के एक निजी अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उपचाराधीन (Under Treatment) दिखाया।
अस्पताल की भूमिका संदिग्ध: अस्पताल प्रशासन ने भी बिना पूरी जांच-पड़ताल किए मरीज को भर्ती दिखाया और बाद में उसे मृत घोषित कर रिकॉर्ड तैयार कर दिया। इसी फर्जी रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित विभाग से मृत्यु प्रमाण पत्र भी हासिल कर लिया गया।
अधिकारियों ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
मामले की भनक लगते ही पीड़ित पक्ष के अन्य सदस्यों ने इसकी शिकायत पुलिस और सीएमओ (CMO) जींद से की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित अस्पताल के रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया है।
जींद के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर धोखाधड़ी और सरकारी दस्तावेजों के साथ जालसाजी का है। इस फर्जीवाड़े में निजी अस्पताल के डॉक्टरों, कर्मचारियों और जन्म-मृत्यु पंजीकरण विभाग के क्लर्कों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
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