यूएसए ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर दिया
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर वर्तमान स्थिति काफी तनावपूर्ण और गंभीर बनी हुई है। ताज़ा समाचारों के अनुसार, **13 अप्रैल 2026** को अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी (Naval Blockade) शुरू कर दी है।
इस संकट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
### 1. अमेरिकी नाकाबंदी का कारण
* **वार्ता की विफलता:** पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता के बेनतीजा खत्म होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस नाकाबंदी की घोषणा की।
* **ईरान द्वारा 'टोल' की वसूली:** अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) के दौरान ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से भारी शुल्क (करीब 10 लाख डॉलर प्रति जहाज) वसूलना शुरू कर दिया था, जिसे अमेरिका ने "समुद्री डकैती" करार दिया।
### 2. वर्तमान स्थिति (14 अप्रैल 2026)
* **सैन्य आदेश:** अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे से नाकाबंदी प्रभावी कर दी है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी नौसेना उन सभी जहाजों को रोकेगी जिन्होंने ईरान को टोल दिया है। साथ ही, अमेरिकी बल उन समुद्री सुरंगों (Mines) को नष्ट करना शुरू करेंगे जो ईरान ने वहां बिछाई हैं।
* **ईरान की प्रतिक्रिया:** ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना है और चेतावनी दी है कि यदि उनके बंदरगाहों को खतरा हुआ, तो खाड़ी क्षेत्र का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा।
### 3. वैश्विक प्रभाव
* **जहाजों का जमावड़ा:** होर्मुज के पास लगभग **3,200 जहाज** फंसे हुए हैं, जिनमें 800 से अधिक तेल टैंकर शामिल हैं। सुरक्षित मार्ग न मिलने के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है।
* **तेल की कीमतें:** ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता है।
* **अंतरराष्ट्रीय रुख:** ब्रिटेन और स्पेन जैसे देशों ने इस अमेरिकी नाकाबंदी में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जबकि फ्रांस और ब्रिटेन एक अलग सुरक्षा मिशन (Multinational Mission) बनाने पर विचार कर रहे हैं।
यह स्थिति 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष का एक नया और खतरनाक अध्याय है, जिसने दुनिया की लाइफलाइन माने जाने वाले इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह से एक युद्ध क्षेत्र में बदल दिया है।