हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर दिया जोर
अभिकान्त, 23 जुलाई हरियाणा : हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति ललित बत्रा की अध्यक्षता में आज आयोग के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में बाल अधिकारों की सुरक्षा, बाल देखभाल संस्थानों (चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन्स) की कार्यप्रणाली, पुनर्वास तंत्र तथा संस्थागत व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में हरियाणा मानवाधिकार आयोग के न्यायिक सदस्य श्री कुलदीप जैन, सदस्य श्री दीप भाटिया एवं रवि कुमार सोंधी, रजिस्ट्रार (विधि एवं विधिक) संजय कुमार खंडूजा, रजिस्ट्रार (न्यायिक) डॉ. पुनीत अरोड़ा तथा सहायक रजिस्ट्रार सुश्री सिम्मी नैयर एवं सान्या सप्रा उपस्थित रहीं। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी, निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
बैठक के दौरान आयोग द्वारा निर्धारित विभिन्न बिंदुओं पर विभाग ने विस्तृत अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा बाल संरक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं पर प्रस्तुतीकरण भी दिया।
मिशन वात्सल्य के तहत बच्चों को मिल रही वित्तीय सहायता
बैठक में बाल देखभाल संस्थानों को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सहायता एवं अनुदान व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस अवसर पर आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी ने बताया कि मिशन वात्सल्य के तहत प्रत्येक बच्चे को प्रतिमाह 3,000 रुपये की रखरखाव सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, सरकारी संस्थानों के लिए प्रति बच्चा 1,000 रुपये अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।
निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि संशोधित वित्तीय मानकों संबंधी अधिसूचना सितंबर, 2026 तक जारी होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि पात्र संस्थानों को समयबद्ध तरीके से अनुदान उपलब्ध कराने के लिए लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है।
राज्य में संचालित हैं 63 बाल देखभाल संस्थान
बैठक में बताया गया कि राज्य में 63 बाल देखभाल संस्थान संचालित हैं, जिनमें मिशन वात्सल्य के मानकों के अनुरूप अधीक्षक, परामर्शदाता, केस वर्कर, शिक्षक, चिकित्सकीय एवं सहायक स्टाफ की नियुक्तियां की गई हैं। संस्थानों के आधारभूत ढांचे के उन्नयन एवं रखरखाव के लिए भी आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
नियमित निरीक्षण से सुनिश्चित हो रही जवाबदेही
विभाग ने जानकारी दी कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत गठित राज्य एवं जिला स्तरीय समितियां नियमित रूप से संस्थानों का निरीक्षण कर रही हैं। हाल ही में नूंह, रेवाड़ी, अंबाला, करनाल, सोनीपत और पानीपत स्थित संस्थानों का निरीक्षण किया गया है तथा उनकी अनुपालना रिपोर्ट की निरंतर निगरानी की जा रही है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग राज्य स्तरीय निरीक्षण समिति का सदस्य होने के नाते प्रत्येक निरीक्षण की सूचना आयोग को उपलब्ध कराई जाती है।
सभी बच्चों के पहचान दस्तावेज तैयार करने पर विशेष जोर
आयोग के सदस्य श्री दीप भाटिया ने सभी बच्चों के आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र एवं आयुष्मान भारत कार्ड सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। विभाग ने बताया कि अधिकांश बच्चों के पहचान दस्तावेज तैयार किए जा चुके हैं तथा नए बच्चों के प्रवेश के साथ ही आधार नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाती है।
बैठक में यह भी बताया गया कि पात्र युवाओं को आफ्टर केयर कार्यक्रम के माध्यम से उच्च शिक्षा, कौशल विकास एवं पुनर्वास संबंधी सहायता प्रदान की जा रही है। जिला बाल संरक्षण इकाइयों एवं संस्थानों में परामर्शदाताओं की नियुक्ति की गई है तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं एवं नियमित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता है।
शिक्षा एवं कौशल विकास से जोड़े जा रहे हैं बच्चे
विभाग ने अवगत कराया कि सभी पात्र बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित किया गया है। उन्हें आईटीआई आधारित व्यावसायिक प्रशिक्षण, मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा, योग, जीवन कौशल विकास कार्यक्रमों तथा पुनर्वास योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। साथ ही, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत स्वास्थ्य जांच तथा पोषण एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है।
बैठक के अंत में हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने बाल अधिकारों की सुरक्षा, संस्थागत पारदर्शिता तथा गुणवत्तापूर्ण देखभाल एवं पुनर्वास व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। आयोग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों एवं महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा तथा उनके समग्र कल्याण के लिए समन्वित एवं सतत प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया।
Previous
रेल नेटवर्क में बड़ा सुधार: ₹440 करोड़ की लागत से निमपुरा-मिदनापुर के बीच बनेगी तीसरी रेल लाइन
Next