04/08/26

अंबाला: जनवादी व प्रगतिशील लेखक संघ ने आयोजित की संगोष्ठी; प्रेमचंद, शहीद उधम सिंह और मोहम्मद रफी को दी श्रद्धांजलि

अंबाला, 04 अगस्त (अन्नू): अंबाला छावनी स्थित रेलवे कॉलोनी में जनवादी लेखक संघ और प्रगतिशील लेखक संघ के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद, अमर शहीद उधम सिंह और सुरों के सम्राट अमर गायक मोहम्मद रफी की स्मृति को समर्पित रही। संगोष्ठी में विभिन्न विचारकों और साहित्यकारों ने तीनों महान हस्तियों के योगदान को रेखांकित किया।

प्रेमचंद का साहित्य सामाजिक विषमताओं के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता ओम बनमाली ने मुंशी प्रेमचंद के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका साहित्य महज कहानियां नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त विषमताओं, शोषण और कुरीतियों के खिलाफ एक अनवरत संघर्ष का प्रतीक है। आज के दौर में भी प्रेमचंद की रचनाएं और उनके विचार उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे।

शहीद उधम सिंह का त्याग और मोहम्मद रफी की धर्म-निरपेक्ष गायकी

शहीद उधम सिंह पर शोधपरक विचार: प्रो. गुरुदेव सिंह देव ने अमर शहीद उधम सिंह की देशभक्ति, अदम्य साहस और देश के लिए दिए गए महान त्याग पर अपने शोधपरक विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने युवाओं से शहीद उधम सिंह के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया।

सुरमयी श्रद्धांजलि: गुरमीत सिंह ने प्रसिद्ध पार्श्व गायक मोहम्मद रफी को याद करते हुए उन्हें एक धर्म-निरपेक्ष, संवेदनशील और मानवीय गुणों से समृद्ध अद्वितीय गायक बताया।

सांस्कृतिक प्रस्तुति: कार्यक्रम के दौरान पंकज शर्मा ने देशभक्ति के कालजयी गीत "कर चले हम फिदा जाने तन साथियों..." की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर उपस्थित सभी लोगों की तालियां बटोरीं और तीनों विभूतियों को स्वरांजलि अर्पित की।

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