अम्बाला छावनी में श्रीमद् देवी भागवत कथा संपन्न; यज्ञ और महाभंडारे के साथ 90वां वार्षिक महोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया
जे कुमार अम्बाला छावनी, 15 जून 2026: श्री सनातन धर्म सभा (पंजी०) अम्बाला छावनी के 90वें वार्षिक महोत्सव के पावन अवसर पर सनातन धर्म मंदिर प्रांगण में चल रहा नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ सोमवार को पूरे विधि-विधान और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हो गया।
सभा के प्रधान प्रमोद कुमार गर्ग ने बताया कि पिछले नौ दिनों से चल रहे इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान का समापन व्यासपीठ पर विराजमान पूज्य साध्वी जी के शुभ आशीर्वाद और दिव्य भजनों के साथ हुआ। कथा के अंतिम दिन मंदिर प्रांगण में एक विशाल यज्ञ (हवन) का आयोजन किया गया, जिसमें सभा के सदस्यों और भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की मंगल कामना के साथ यज्ञ भगवान को आहुतियां समर्पित कीं। इस महायज्ञ की पूर्णाहुति में श्रद्धेय महाराज जी और उनके सहयोगियों ने भी विशेष रूप से भागीदारी की।
शक्ति ही जगत का मूल कारण: साध्वी भद्रा भारती
व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को निहाल करते हुए साध्वी सुश्री भद्रा भारती जी ने श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के सार तत्व को समझाया।
परब्रह्म हैं आद्या शक्ति: उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि आद्या शक्ति ही सर्वोच्च परब्रह्म हैं और उन्हीं की असीम ऊर्जा से ब्रह्मा, विष्णु और महेश इस संपूर्ण सृष्टि का सृजन, पालन और संहार करते हैं। जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, तब धर्म की रक्षा और राक्षसों के विनाश के लिए देवी विभिन्न रूपों में अवतार लेती हैं।
कर्मफल और मोक्ष का वर्णन: साध्वी जी ने बताया कि इस महापुराण में देवी भगवती की निष्काम भक्ति, ज्ञानयोग, कर्मयोग और उपासना के गूढ़ रहस्यों को सहजता से समझाया गया है। इसमें कर्मफल के सिद्धांत और मोक्ष प्राप्ति के उपायों का विस्तृत वर्णन है। महर्षि वेदव्यास जी ने यह उपदेश राजा परीक्षित के पुत्र जनमेजय को आत्मिक शांति और ज्ञान की प्राप्ति के लिए दिया था।
सहयोगियों का आभार और महाभंडारा
कथा के सफल आयोजन पर सभा के प्रधान प्रमोद कुमार गर्ग ने महाराज श्री को बधाई दी और कथा श्रवण करने आए सभी भक्तों का धन्यवाद किया। प्रधान जी ने इस अवसर पर सभा द्वारा समाज हित में किए जा रहे कार्यों का संक्षिप्त ब्योरा भी साझा किया।
उन्होंने आयोजन को भव्य और सफल बनाने में सक्रिय योगदान देने वाले सभी सभा सदस्यों, विद्यालय के प्रधानाचार्य और समस्त स्टाफ का हृदय से आभार व्यक्त किया। नौ दिवसीय इस ज्ञानयज्ञ का समापन भव्य आरती और विशाल प्रसाद रूपी भंडारे के साथ हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य कमाया।
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