पति पर परिवार से अलग होने का दबाव: हाईकोर्ट ने ऐसी पत्नी को बताया क्रूर, तलाक के आदेश को रखा बरकरार
पंजाब, 01 मार्च (अभी): पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पति को पत्नी के विरुद्ध क्रूरता करने के लिए दिए गए तलाक के आदेश को बरकरार रखा है। इस आदेश के अनुसार पत्नी ने अपने पति को अपमानित किया तथा उस पर परिवार से अलग होने के लिए दबाव डाला।
पारिवारिक न्यायालय ने इस आधार पर तलाक दिया था कि पत्नी ने पति पर परिवार से अलग होने के लिए दबाव डालकर क्रूरता की तथा इस संबंध में उसका अपमान किया तथा उसके साथ दुर्व्यवहार किया। हालांकि पत्नी तथा उसके पिता को भारतीय दंड संहिता की धारा 306 तथा धारा 34 के अंतर्गत दंडनीय अपराधों से संबंधित आपराधिक मामले में बरी कर दिया गया था, फिर भी पति क्रूरता के आधार पर तलाक के आदेश के लिए मामला बनाने में सक्षम रहा है।
जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस सुखविंदर कौर ने कहा,
"क्रूरता का गठन करने के लिए, आरोप लगाने वाले पक्ष को रिकॉर्ड पर यह साबित करना होगा कि जिस पक्ष के खिलाफ शिकायत की गई है उसका व्यवहार ऐसा है या रहा है कि उसने उक्त पक्ष के लिए शिकायत की गई पार्टी के साथ रहना असंभव बना दिया है।"
पीठ की ओर से बोलते हुए जस्टिस सिंह ने कहा कि क्रूरता के कृत्य ऐसे होने चाहिए, जिनसे यह तर्कसंगत और तार्किक रूप से निष्कर्ष निकाला जा सके कि उक्त कृत्यों के कारण पक्षों के बीच कोई पुनर्मिलन नहीं हो सकता।