कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, प्रमाणित बीजों पर मिलेगी 33% सब्सिडी
अभिकान्त, 26 अप्रैल पंजाब : पंजाब सरकार ने प्रदेश में 'सफेद सोना' कही जाने वाली कपास की खेती को पुनर्जीवित करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने खरीफ सीजन 2026 के लिए प्रमाणित कपास के बीजों पर 33 प्रतिशत सब्सिडी देने की घोषणा की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों पर बीज की लागत का बोझ कम करना और उन्हें धान के चक्र से निकालकर फसल विविधीकरण की ओर प्रोत्साहित करना है। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकार ने इस बार कपास के रकबे को बढ़ाकर 1.25 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) द्वारा अनुशंसित प्रमाणित बीटी कॉटन हाइब्रिड और देसी कपास की किस्मों पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी। सरकार बीज की कुल लागत का लगभग एक-तिहाई हिस्सा स्वयं वहन करेगी। आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल यानी 2025 में सरकारी प्रयासों के चलते कपास की खेती के क्षेत्र में 19 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई थी, जो 1 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 1.19 लाख हेक्टेयर पहुंच गया था। इसी सफलता को देखते हुए इस वर्ष लक्ष्य को और अधिक विस्तारित किया गया है। सब्सिडी की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
सब्सिडी का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 20 अप्रैल से चालू कर दिया गया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो पंजीकृत डीलरों से प्रमाणित बीज खरीदेंगे और आवेदन के समय वैध बिल अपलोड करेंगे। इसके साथ ही, विभाग ने पिंक बोलवॉर्म (गुलाबी सुंडी) और सफेद मक्खी जैसी बीमारियों से फसल को बचाने के लिए निगरानी और जागरूकता अभियान भी तेज कर दिए हैं। सरकार की इस पहल से न केवल कपास बेल्ट के किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य में भूजल के गिरते स्तर को रोकने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
#Punjab #AgricultureNews #CottonFarming #SeedSubsidy #FarmerSupport #CropDiversification #Kharif2026 #PunjabGovernment #DainikKhabar #WhiteGold
Previous
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने संगत सेवा वैन को दिखाई हरी झंडी व फ्री लंगर सेवा से लोगों को लंगर परोसा
Next