पीजीआई चंडीगढ़ का विश्व रिकॉर्ड: 2 साल के बच्चे के मस्तिष्क से एंडोस्कोपी के जरिए निकाला दुनिया का सबसे बड़ा ट्यूमर
चंडीगढ़, 15 जनवरी (अभी) : चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टरों ने न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने हरियाणा के सोनीपत निवासी महज दो साल के एक मासूम बच्चे के मस्तिष्क से दुनिया का सबसे बड़ा मेनिंजियोमा ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाल दिया है। इस जटिल सर्जरी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि डॉक्टरों ने पारंपरिक ओपन सर्जरी के बजाय पूरी तरह से उन्नत एंडोस्कोपी तकनीक का उपयोग किया, जो वैश्विक चिकित्सा इतिहास में इस उम्र के बच्चे के लिए अपनी तरह का पहला मामला है।
सोनीपत का यह बच्चा जब अस्पताल लाया गया, तो उसकी स्थिति काफी गंभीर थी। उसे बाईं आंख का बाहर निकलना, आंखों की हलचल बंद होना, नाक से गांठ दिखना और लगातार खर्राटे आने जैसी समस्याएं थीं। पीजीआई के डॉक्टरों ने जब सीटी स्कैन और एमआरआई जांच की, तो रिपोर्ट देखकर सब हैरान रह गए। बच्चे के नाक, साइनस और आंख की कक्षा से लेकर मस्तिष्क के आधार (स्कल बेस) तक 7 सेंटीमीटर का एक विशाल ट्यूमर फैला हुआ था। बायोप्सी रिपोर्ट में इसकी पुष्टि 'मेनिंजियोमा' के रूप में हुई, जो आमतौर पर वयस्कों में पाया जाता है और छोटे बच्चों में इस आकार का ट्यूमर होना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।
सर्जरी की चुनौती ट्यूमर के विशाल आकार और बच्चे की नाजुक उम्र को लेकर थी। एंडोस्कोपी के माध्यम से नाक के रास्ते इस 7 सेंटीमीटर के ट्यूमर को निकालना एक बड़ी तकनीकी चुनौती थी, जिसे पीजीआई के न्यूरोसर्जन और उनकी टीम ने अपनी विशेषज्ञता से संभव कर दिखाया। इस सफल ऑपरेशन के बाद अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी आंखों की रोशनी व अन्य गतिविधियां सामान्य हो रही हैं। पीजीआई की इस उपलब्धि ने न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर मेडिकल साइंस के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है।
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