नो स्मोकिंग-डे विशेष: तंबाकू निगल रहा लाखों जिंदगियां, हरियाणा में मुफ़्त उपचार की सुविधा
हरियाणा, 11 मार्च (अभी) : आज विश्वभर में मनाए जा रहे "नो स्मोकिंग-डे" के अवसर पर हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने तंबाकू के दुष्प्रभावों को लेकर जनता को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान छेड़ा है। स्वास्थ्य हरियाणा के निदेशक एवं प्रख्यात वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. ब्रह्मदीप ने प्रदेशवासियों के नाम जारी एक भावुक अपील में तंबाकू और धूम्रपान जैसी घातक आदतों को तत्काल त्यागने का आह्वान किया है। उन्होंने स्वास्थ्य आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि धूम्रपान और तंबाकू का सेवन विश्व स्तर पर रोकी जा सकने वाली मृत्यु का सबसे बड़ा कारण है। भारत की स्थिति साझा करते हुए उन्होंने कहा कि देश में हर साल लगभग 10 लाख से अधिक लोग तंबाकू से संबंधित बीमारियों के कारण असमय काल के गाल में समा जाते हैं।
डॉ. ब्रह्मदीप ने चिकित्सीय तथ्यों के माध्यम से आगाह किया कि तंबाकू न केवल फेफड़ों के लिए घातक है, बल्कि देश में होने वाले कुल कैंसर के मामलों में से 27 प्रतिशत का सीधा संबंध तंबाकू के सेवन से ही पाया गया है। धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में हृदय रोग का खतरा सामान्य की तुलना में दो से चार गुना और फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बीस से पच्चीस गुना तक बढ़ जाता है। उन्होंने विशेष रूप से 'पैसिव स्मोकिंग' यानी दूसरे के धुएं से होने वाले नुकसान पर चिंता जताते हुए कहा कि यह आसपास मौजूद निर्दोष बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है, जिससे समाज में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ रही हैं।
धूम्रपान छोड़ने के सकारात्मक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि जैसे ही कोई व्यक्ति सिगरेट छोड़ता है, उसके शरीर में सुधार की प्रक्रिया मात्र 20 मिनट के भीतर शुरू हो जाती है। रक्तचाप और नाड़ी की दर सामान्य होने के साथ-साथ अगले 12 घंटों में रक्त में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर भी सुधरने लगता है। लंबी अवधि में इसके लाभ और भी चमत्कारी हैं, जहाँ एक वर्ष के भीतर हृदय रोग का खतरा आधा रह जाता है और दस वर्षों में फेफड़ों के कैंसर की संभावना भी बेहद कम हो जाती है।
हरियाणा सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश के सभी सिविल अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में विशेष 'तंबाकू निषेध केंद्र' स्थापित किए गए हैं, जहाँ प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा मुफ्त परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डॉ. ब्रह्मदीप ने युवाओं और अन्य नागरिकों को सलाह दी है कि वे धूम्रपान छोड़ने के लिए एक ठोस तारीख तय करें और तलब लगने पर योग, व्यायाम तथा पर्याप्त पानी पीने जैसी स्वस्थ आदतों को अपनाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग की ये सुविधाएं हर नागरिक के लिए सुलभ हैं ताकि एक स्वस्थ और तंबाकू-मुक्त हरियाणा का निर्माण किया जा सके।
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