20/05/25

दिल्ली में एक जुलाई से पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा ईंधन, पेट्रोल पंपों पर लगे कैमरे; होगी सख्त चेकिंग

नई दिल्ली, 20 मई (अभी): पेट्रोल पंपों पर उम्र पूरी कर चुके वाहनों का पता लगाने के लिए कैमरे लगाने का काम लगभग पूरा हो गया है। दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि एक जुलाई से तय उम्र से पुराने वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा।

उधर, परिवहन विभाग ने एक बार फिर उम्र पूरी कर चुके वाहनों के मालिकों से अनुरोध किया है कि वे अपने वाहनों का पंजीकरण उन शहरों में कराएं, जहां ऐसे वाहनों को चलाने की अनुमति है। परिवहन विभाग उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र देने को तैयार है।

विभाग ने कहा है कि अगर वाहनों के मालिक ऐसा नहीं चाहते हैं तो वे निर्धारित केंद्र से इन्हें स्क्रैप करा लें, अन्यथा उनका वाहन जब्त कर लिया जाएगा।

बता दें कि अप्रैल में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वह 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों सहित सभी एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों को 1 जुलाई से ईंधन देने से मना कर दे।

आदेश के मुताबिक, दिल्ली के सभी ईंधन स्टेशनों को 30 जून तक ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाने होंगे। ये सिस्टम 10 साल (डीजल) या 15 साल (पेट्रोल) से अधिक पुराने वाहनों का पता लगाएंगे।

दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने एक सार्वजनिक नोटिस में कहा कि दिल्ली भर के ईंधन स्टेशनों पर स्थापित एएनपीआर कैमरों या किसी अन्य निगरानी तंत्र के माध्यम से पहचाने गए उल्लंघन करने वाले वाहनों को ईंधन देने से मना कर दिया जाएगा, साथ ही मोटर वाहन अधिनियम, 1989 के तहत अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

परिवहन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, एएनपीआर कैमरे लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि केवल 10-15 पंप ही बचे हैं जहां कैमरे लगाए जाने हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशनों पर कैमरे लगा रहे हैं। दिल्ली में करीब 400 पेट्रोल पंप और करीब 160 सीएनजी पंप हैं।

वहीं दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने कहा कि सरकार एएनपीआर कैमरे तो लगा रही है, लेकिन इसमें कुछ दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां कैमरे लगे हैं, वहां स्पीकर मशीन लगाई गई है जो अपनी उम्र पूरी कर चुके वाहनों की नंबर प्लेट पढ़ लेती है। लेकिन जब तक नंबर पढ़ा जाता है, तब तक वाहन में ईंधन भरा जा चुका होता है।

उन्होंने कहा कि हम इस सप्ताह परिवहन विभाग के साथ इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बैठक करेंगे। पदाधिकारी ने कहा कि अभी कुछ जगहों पर ट्रायल चल रहा है, जो भी दिक्कतें आ रही हैं, उनका समाधान किया जाएगा।

बता दें कि 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में दिल्ली में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया था। एनजीटी के 2014 के आदेश में भी सार्वजनिक क्षेत्रों में 15 साल से पुराने वाहनों की पार्किंग पर प्रतिबंध है।

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