राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने की दिल्ली जल बोर्ड पर कार्रवाई, बार-बार टाली जा रही थी होटलों में अवैध भूजल दोहन की सुनवाई
नई दिल्ली, 10 जुलाई (अभी): नई दिल्ली के होटलों की ओर से अवैध रूप से भूजल निकालने के मामले में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को सुनवाई से बचना भारी पड़ा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने डीजेबी पर 50,000 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, आदेश दिया कि बोर्ड एक सप्ताह के अंदर जुर्माना एनजीटी बार एसोसिएशन के सचिव के पास जमा करेगा।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि एनजीटी बार एसोसिएशन इस जुर्माना राशि का उपयोग दो महीने के अंदर बार रूम में रखने के लिए पर्यावरण संरक्षण से संबंधित पुस्तकें खरीदने के लिए करेगा। यही नहीं, इसकी रसीद एनजीटी के महापंजीयक के पास जमा की जाएगी। पीठ में विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल भी शामिल रहे। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।
अदालत ने यह सख्त लहजा अपने पिछले आदेश की अवहेलना के लिए अपनाया है। दरअसल, 28 फरवरी, 2024 को मामले में प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया था। ऐसे में मामले की सुनवाई बार-बार टलती रही और प्रतिवादियों को समय दिया गया। ऐसे में आवेदक शैलेश सिंह ने नया आवेदन दायर कर दिया, जो एनजीटी के पिछले आदेश के अनुपालन से जुड़ा है।