मीरी-पीरी वेतन संकट: ट्रस्ट की बैठक में नहीं निकला कोई नतीजा, डॉक्टरों व कर्मचारियों का धरना 14वें दिन भी जारी
जे कुमार शाहबाद (कुरुक्षेत्र), 17 जुलाई 2026: शाहबाद स्थित मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में पिछले तीन महीनों से रुके हुए वेतन को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कल हुई मीरी-पीरी चैरिटेबल ट्रस्ट की उच्च स्तरीय बैठक में भी इस वित्तीय संकट का कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका, जिससे संस्थान के डॉक्टरों और कर्मचारियों में भारी निराशा है। इसके चलते 'मीरी-पीरी कर्मचारी संघर्ष समिति' के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना आज 14वें दिन भी लगातार जारी रहा।
दरअसल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा इस संस्थान के प्रबंधन की जिम्मेदारी हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) को सौंपे जाने के बाद से ही बजट आवंटन को लेकर पेंच फंसा हुआ है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और हरियाणा कमेटी (HSGMC) के बीच चल रहे इस प्रशासनिक और कानूनी विवाद का सीधा खामियाजा यहाँ काम करने वाले करीब 325 से अधिक डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को भुगतना पड़ रहा है। कर्मचारियों का लगभग 4 करोड़ 20 लाख रुपये का वेतन बकाया हो चुका है, जिससे उनके सामने घर चलाने का संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनके पिछले तीन महीने के वेतन का एकमुश्त भुगतान नहीं होता और भविष्य में हर महीने समय पर वेतन देने की लिखित गारंटी नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। आंदोलन के कारण अस्पताल की ओपीडी (OPD) सेवाएं पूरी तरह बाधित चल रही हैं। हालांकि, मानवीय आधार पर डॉक्टरों ने केवल आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाओं को सुचारू रखा है ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो।
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