24/07/25

जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

चंडीगढ़, 24 जुलाई (अभी) - प्रदेश के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने आज चंडीगढ़ स्थित सचिवालय में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की है। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और जनता से जुड़े मुद्दों का प्रभावी समाधान निकालना रहा।

 

बैठक में अमृत योजना के तहत चल रहे कार्यों की जिलावार समीक्षा की गई। कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि अमृत योजना के तहत जो भी प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, उनकी निगरानी और क्रियान्वयन में कोई ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना शहरी बुनियादी ढांचे के सुधार और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए है, इसलिए इसमें देरी या कम गुणवत्ता का कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा।

 

सीएम घोषणाओं पर तेज़ी से अमल के निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री श्री गंगवा ने अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं जनता से किए गए वादे हैं, और उनका समय पर पूरा होना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी प्रोजेक्ट में देरी हो रही है, तो उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और तत्काल प्रभाव से उसमें गति लाई जाए।

 

कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, सस्ते टेंडर पर चेतावनी

मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि “अगर कोई ठेकेदार कम रेट पर टेंडर भरता है, तो इसका यह मतलब नहीं कि वह घटिया सामग्री इस्तेमाल करे। हमें अच्छा काम चाहिए। काम की मजबूती और गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परियोजना में इस्तेमाल हो रहे मैटेरियल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए। इसके लिए समय समय पर सैम्पल लेने की प्रक्रिया को अमल में लाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां निर्माण कार्य चल रहा हो, वहां जेई खास नज़र रखे। सीमेंट, सरिया और दूसरी सामग्री उच्च क्वालिटी की होनी चाहिए।

 

बारिश के पानी की निकासी: ज़िला वार समीक्षा

 

मंत्री ने प्रदेश में हालिया बारिश के बाद पानी निकासी की स्थिति का भी ज़िला-वार विवरण मांगा। अधिकारियों ने बताया कि किन जिलों में कितनी बारिश हुई, और कितनी देर में पानी की निकासी हो सकी। रणबीर गंगवा ने कहा कि “जल निकासी की प्रक्रिया को और तेज किया जाए, ताकि भविष्य में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। संबंधित विभागों में बेहतर तालमेल बनाकर काम किया जाए।” इस दौरान भिवानी, लोहारू, सिवानी, आदमपुर, महेंद्रगढ़, कलानौर, सांपला, महम, रानियां, कालांवाली, डबवाली में बारिश के पानी की निकासी में लगे वक्त को लेकर भी रिपोर्ट ली। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश में निकासी और पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए।

 

5 हजार करोड़ से अधिक के चल रहे कार्य

 

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि इस समय प्रदेशभर में 50 से ज्यादा प्रोजेक्ट चल रहे है। इन पर कुल 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है, जिनमें कई कार्य सीएम अनाउंसमेंट से जुड़े हैं। इसके अलावा 297 करोड़ के 19 प्रोजेक्ट्स स्ट्रोम वॉटर के चल रहे हैं। कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि इन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो और समयसीमा के भीतर इन्हें पूरा किया जाए।

 

एमरजेंसी वर्क के लिए SOP लागू करने के निर्देश


जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने प्रदेश में जनस्वास्थ्य विभाग के होने वाले आपातकालीन कार्यों  के लिए भी चर्चा की। इस पर अधिकारियों ने बताया कि विभाग की तरफ से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को बनाया गया है। श्री गंगवा ने इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि एसओपी को हर ज़िले में भेजा जाएगा ताकि किसी भी आपदा, बारिश, सीवर ब्लॉकेज या अन्य स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके। इससे कार्य कुशलता बढ़ेगी और विभाग की तत्परता बनी रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि नियमों के खिलाफ जाकर कार्य करने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाए। भ्रष्टाचार किसी कीमत पर सहन नहीं होगा।

 

निकाय विभाग और पीडब्ल्यूडी से तालमेल रखे

 

बैठक में सीवरेज सिस्टम को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि सीवरेज की गंदगी का निपटान सही तरीके से हो, इसके लिए स्थानीय निकाय विभाग से तालमेल बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीवरेज पाइपलाइन और ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाए। श्री रणबीर गंगवा ने सड़कों की बार-बार खुदाई को लेकर नाराज़गी जताई और कहा कि “यह गलत प्रथा है कि पहले नई सड़क बना दी जाए और फिर कुछ ही दिनों बाद लाइन बिछाने के लिए उसे तोड़ दिया जाए। पहले से कोऑर्डिनेशन हो कि किस इलाके में सड़क निर्माण से पहले पाइपलाइन, सीवरेज या अन्य कार्य पूरे हो जाएं।”

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