लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार सेवानिवृत्त; पश्चिमी कमान में 'ऑपरेशन सिंदूर' और ड्रोन आधुनिकीकरण पर दिया जोर
अभिकान्त, 31 मार्च हरियाणा : भारतीय सेना की प्रतिष्ठित पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C), लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार आज 40 वर्षों की गौरवशाली और विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। पंचकूला के चंडीमंदिर स्थित पश्चिमी कमान मुख्यालय में आयोजित विदाई समारोह के दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल के चुनौतीपूर्ण अनुभवों को साझा किया। उन्होंने विशेष रूप से 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'ऑपरेशन राहत' का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे भारतीय सेना ने कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं और नागरिकों की रक्षा की।
लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने पत्रकारों से बातचीत में मई 2025 में चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' को याद किया। उन्होंने खुलासा किया कि इस ऑपरेशन के दौरान पश्चिमी कमान ने पाकिस्तान के बेहद "नापाक" और खतरनाक मंसूबों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया था। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि तब से लेकर आज तक कमान ने परिचालन तत्परता की उच्च स्थिति बनाए रखी है। उनके अनुसार, दुश्मन की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है और सेना किसी भी आकस्मिक स्थिति का जवाब देने के लिए 24 घंटे तैयार है।
सेना के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि पश्चिमी कमान अब पारंपरिक युद्ध के साथ-साथ 'भविष्य के युद्धों' के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा, "हम बड़े पैमाने पर नए उपकरणों की खरीद कर रहे हैं, जिसमें उन्नत ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम शामिल हैं।" महत्वपूर्ण बात यह है कि सेना अब केवल खरीद पर निर्भर नहीं है; जहाँ आवश्यकता होती है, वहां इन उपकरणों और हथियारों का निर्माण आंतरिक रूप से सेना की अपनी कार्यशालाओं में किया जा रहा है। यह 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में सेना का एक बड़ा कदम है।
सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने लखनऊ में बसने और समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान देने की इच्छा जताई है।
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