21/10/25

मौसम वैज्ञानिकों और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों के अनुसार, इस बार ठंड सामान्य से अधिक पड़ने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों के अनुसार, इस बार ठंड सामान्य से अधिक पड़ने की संभावना है।
​मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल के अंत तक ला नीना की स्थिति विकसित होने की प्रबल संभावना है। ला नीना की पहचान मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान के सामान्य से अधिक ठंडा हो जाने से होती है। यह स्थिति वायुमंडलीय परिसंचरण पैटर्न को प्रभावित करती है, जिससे दुनिया भर की मौसम प्रणालियों में महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं।
ला नीना अक्सर भारत में सर्दियों को अधिक ठंडा बना देता है और उत्तर भारत के कई हिस्सों में शीत लहर और अधिक बर्फबारी ला सकता है।
​तापमान में गिरावट: IMD ने भविष्यवाणी की है कि दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच तापमान सामान्य से \mathbf{0.5-1} डिग्री सेल्सियस तक कम रह सकता है, खासकर उत्तर भारत में। कुछ रिपोर्टों में यह भी अनुमान लगाया गया है कि यह \mathbf{3-4} डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है।
​ठंड की जल्दी शुरुआत: अक्टूबर में ही कई पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई है, जिससे मैदानी इलाकों में भी सामान्य से पहले ठंड महसूस होने लगी है।
​हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स इसे पिछले 110 सालों की सबसे कड़ाके की ठंड बता रही हैं, लेकिन IMD ने रिकॉर्ड तोड़ने वाली भयानक ठंड की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिर भी, ठंड के अधिक होने की संभावना बहुत ज्यादा है।

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