15/06/26

नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में नंबर-1 बना हरियाणा, नेशनल क्रिमिनल लॉज डैशबोर्ड पर हरियाणा शीर्ष स्थान पर

अभिकान्त, 15 जून हरियाणा : हरियाणा में अब सभी न्यायालय समन कोर्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किए जा रहे हैं, जो कागजरहित न्याय प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस और न्यायालय प्रणालियों के सफल एकीकरण के परिणामस्वरूप नए आपराधिक कानूनों के तहत ई-चार्जशीट की स्वीकार्यता 90 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जिससे आपराधिक जांच और अभियोजन प्रक्रिया में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ी है। साथ ही राज्य ने प्रौद्योगिकी आधारित पुलिसिंग और न्यायिक प्रक्रियाओं में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत की है।

ये उपलब्धियां आज मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) तथा इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) की 33वीं राज्य स्तरीय शीर्ष समिति (एसएसी) की बैठक में सामने आईं। बैठक में नए आपराधिक कानूनों, सीसीटीएनएस तथा आईसीजेएस पहलों के राज्यव्यापी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल ने बताया कि हरियाणा ने 7 जून, 2026 से नेशनल न्यू क्रिमिनल लॉज डैशबोर्ड पर पहला स्थान सुनिश्चित किया है। इसके अलावा, जून 2021 से पिछले 59 महीनों के दौरान राज्य 44 बार इस डैशबोर्ड पर शीर्ष स्थान पर रहा है। अप्रैल 2026 में हरियाणा ने प्रगति डैशबोर्ड पर भी प्रथम स्थान हासिल किया।

बैठक में बताया गया कि हरियाणा पुलिस नागरिक केंद्रित सेवाओं के क्षेत्र में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है और हरसमय पोर्टल के माध्यम से राइट टू सर्विस (आरटीएस) डैशबोर्ड पर 10 में से 10 अंक प्राप्त कर रही है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर 88.84 लाख से अधिक नागरिक आवेदनों का निपटान किया गया, जिससे हरियाणा पुलिस राज्य के सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक सेवा प्रदाता विभागों में शामिल हो गई है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने विभाग के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए सभी हितधारकों को इस गति को बनाए रखने, लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा पुलिसिंग, जांच और न्याय वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए।

बैठक में आईसीजेएस 2.0 के तहत पुलिस अवसंरचना के आधुनिकीकरण पर भी बल दिया गया। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा में आईसीजेएस 2.0 प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 34 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की है, जो राज्य के डिजिटल परिवर्तन कार्यक्रम के व्यापक स्वरूप को दर्शाता है।

बैठक में बताया गया कि डिजिटल पुलिसिंग को सशक्त बनाने तथा पुलिस, जेल, अभियोजन, फोरेंसिक साइंस प्रयोगशालाओं और न्यायालयों के बीच निर्बाध सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक डेस्कटॉप कंप्यूटर, यूपीएस सिस्टम, मल्टी-फंक्शन प्रिंटर, क्यूआर कोड रीडर एवं प्रिंटर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एंड-प्वाइंट तथा एलईडी डिस्प्ले सिस्टम जैसे आधुनिक उपकरणों की खरीद एवं तैनाती की जा रही है।

राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की पुलिस अधीक्षक सुश्री नितिका गहलौत ने बताया कि कई महत्वपूर्ण हार्डवेयर उपकरण पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिनमें फिंगरप्रिंट स्कैनर, टैबलेट आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति उपकरण और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कैमरे शामिल हैं। अतिरिक्त उपकरणों की खरीद भी विभिन्न चरणों में जारी है।

बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव सी.जी. रजनी कान्थन और हारट्रॉन के प्रबंध निदेशक जे. गणेशन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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