हरियाणा के सरकारी स्कूलों की बदलेगी तस्वीर: 14,300 से अधिक विद्यालयों का माइक्रो निरीक्षण पूरा
हरियाणा , 22 अगस्त (अभिकान्त) : हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए एक व्यापक राज्यव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश के 14,300 से अधिक सरकारी विद्यालयों निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और भौतिक ढांचे की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया।
विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि निरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने के लिए जिला व ब्लॉक स्तर के अधिकारियों सहित तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया। इसमें जेई सिविल, एसडीई, बीईओ, एबीआरसी और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्यालय स्तर के अधिकारियों ने भी समय-समय पर स्कूलों का दौरा किया। प्रत्येक विद्यालय की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए एक विशेष ‘माइक्रो प्लान’ तैयार किया गया है, ताकि प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य करवाए जा सकें।
2,800 कार्यों की गई पहचान और 130 करोड़ रुपये का प्रथम बजट
उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान प्रदेश भर में लगभग 2,800 विकास कार्यों एवं आवश्यक सुधारों को चिन्हित किया गया है। इनमें पुराने व जर्जर भवनों को हटाना, नए कमरों का निर्माण, चारदीवारी, नए शौचालय तथा छोटे-बड़े मरम्मत कार्य शामिल हैं। विभाग ने इन कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बनाई है और प्रथम चरण के लिए 130 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है।
स्वच्छता और दिव्यांग-अनुकूल सुविधाओं पर विशेष ध्यान
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के लिए बेहतर स्वच्छता सुनिश्चित करने और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सुगम माहौल देने के लिए 11.01 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसके तहत 484 नए लड़कों के शौचालय, 173 नए लड़कियों के शौचालय, 97 दिव्यांग-अनुकूल शौचालय, 51 रैंप का निर्माण और मौजूदा शौचालयों का जीर्णोद्धार एवं मरम्मत कार्य शामिल है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक योजनाओं का विस्तार
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग का उद्देश्य केवल भवनों का सुधार करना नहीं, बल्कि प्रत्येक सरकारी स्कूल को उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र बनाना है। आधारभूत ढांचे के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य में निपुण कार्यक्रम, सुपर 100, कौशल विकास तथा फ्रेंच व जर्मन भाषा शिक्षण जैसे नवाचार संचालित किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही, संस्कृति मॉडल स्कूल, सीएम- ईईई स्कूल और पीएम श्री स्कूलों के माध्यम से आधुनिक अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दी जा रही है, जो विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हो रही है। बोर्ड परीक्षा परिणामों में लगातार आ रहा सुधार यह साबित करता है कि सरकारी विद्यालय गुणवत्ता में किसी से पीछे नहीं हैं। शिक्षक और एसएमसी कमेटियां इस बदलाव में निरंतर योगदान दे रही हैं।
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