08/01/25

ग्रामीण विकास में तेजी लाने के लिए पंचायती राज संस्थाएं लगातार विकास परियोजनाएं चला रही हैं: विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार

चंडीगढ़,8 जनवरी (अभी): विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास को गति देने के लिए लगातार विकास परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। पिछले पांच वर्षों में जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों ने कुल 5583 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

श्री कृष्ण लाल पंवार आज यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

श्री पंवार ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के तहत जिला परिषदों को 460.76 करोड़, पंचायत समितियों को 691.14 करोड़ तथा ग्राम पंचायतों को 3455.13 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। इसमें से अब तक 2689.91 करोड़ रुपए यानि 58.4 प्रतिशत राशि विकास परियोजनाओं पर खर्च की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान 1264 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें से 229.36 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसी प्रकार, वर्ष 2021-22 में 467.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए और 340.71 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई। वर्ष 2022-23 में 660.96 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें से 233.15 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं, वर्ष 2023-24 में 1150.49 करोड़ रुपये में से 763.79 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2024-25 में 15वें वित्त आयोग द्वारा 1064.08 करोड़ रुपये आवंटित किए गए और 1122.90 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। मंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर पांच वर्षों में 4607.02 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिनमें से 2689.91 करोड़ रुपये विकास के लिए उपयोग किए गए।

विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने आगे बताया कि राज्य वित्त आयोग के आंकड़ों के अनुसार जिला परिषदों को 347.29 करोड़ रुपये, पंचायत समितियों को 526.13 करोड़ रुपये तथा ग्राम पंचायतों को 2654.46 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई, जिसमें से तीनों पंचायती राज संस्थाओं द्वारा कुल 2894.06 करोड़ रुपये यानि 82 प्रतिशत राशि का उपयोग किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान राज्य वित्त आयोग द्वारा 254.61 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें से 254.61 करोड़ रुपये की पूरी राशि खर्च की गई। इसी प्रकार, वर्ष 2022-23 में 1100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें से 478.13 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं, वर्ष 2023-24 में 1521.42 करोड़ रुपये में से 844.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में 651.85 करोड़ रुपये आवंटित किए गए और 1316.52 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई। पांच वर्षों में 3527.88 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें से 2894.06 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास पर खर्च किए गए।

अधिकारियों को केंद्र और राज्य सरकार की धनराशि को तीन माह के भीतर ग्रामीण विकास कार्यों पर खर्च करने के निर्देश

मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केंद्र व राज्य सरकार से प्राप्त धनराशि का तीन माह के भीतर उपयोग सुनिश्चित करें। यदि धनराशि खर्च नहीं होती है तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि नवंबर 2019 से अब तक हरियाणा ग्रामीण विकास निधि व हरियाणा ग्रामीण विकास योजना के तहत कुल 2608.46 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं।

1,000 गांवों को मिलेंगे महिला सांस्कृतिक केंद्र

श्री पंवार ने बताया कि पंचायत विभाग ने श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों में चारदीवारी, सड़कें पक्की करने, शेड बनाने समेत कई महत्वपूर्ण विकास कार्य किए हैं। इसके अलावा 1000 गांवों में ई-लाइब्रेरी बनाई जाएंगी और पहले चरण में 2200 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। 250 गांवों में ओपन जिम बनाने और 1000 गांवों में सड़कें पक्की करने की योजना पर काम चल रहा है।

मंत्री ने कहा कि एक नई पहल के तहत 1,000 गांवों में 'महिला सांस्कृतिक केंद्र' खोले जाएंगे, जहां महिलाओं को 'कीर्तन' (भक्ति गीत गायन) जैसी गतिविधियों में शामिल होने के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।

हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने विपक्ष द्वारा प्रदेश में अवैध खनन की अफवाह फैलाने पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा अवैध खनन के संबंध में फैलाई जा रही बातें निराधार एवं तथ्यों से परे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं खनन क्षेत्रों का निरीक्षण किया है तथा वहां कोई अवैध गतिविधि नहीं पाई गई।

श्री कृष्ण लाल पंवार ने यह बात बुधवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।

उन्होंने बताया कि उन्होंने फिरोजपुर झिरका में पहाड़ी क्षेत्र का दौरा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइट से मात्र 10 फीट की दूरी पर, भूमि राजस्थान के खसरा नंबर 62 के अंतर्गत आती है, जहां खनन चल रहा है। राजस्थान में उस पहाड़ी पर विस्फोट करने से भूस्खलन का खतरा है, जिससे हरियाणा की ओर की पहाड़ी भी प्रभावित हो सकती है। मंत्री ने बताया कि ऐसी गतिविधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि दादरी जिले के बाढड़ा क्षेत्र के पिचोपा गांव का भी निरीक्षण किया है। उस गांव में खनन पूरी तरह बंद है और खनन क्षेत्र में कोई गतिविधि नहीं हो रही है। क्षेत्र में एक स्टोन क्रशर है, जहां एक हादसा हुआ, शिव शक्ति स्टोन क्रशर बेल्ट से पत्थर फिसलने से सुभाष नामक मजदूर मामूली रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत चिकित्सा उपलब्ध कराई गई, ऐसा श्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया।

उन्होंने बताया कि दादरी जिले के कलियाणा गांव के खसरा नंबर 216 में एसबीपीआईपीएल माइनिंग कंपनी ने सरकार को बकाया करीब 30 करोड़ रुपए जमा नहीं करवाए हैं। इस फर्म का लाइसेंस निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

पंचायती जमीन पर 20 साल से अधिक समय से काबिज लोगों को मालिकाना हक दिया जाएगा

विकास एवं पंचायत मंत्री ने कहा कि सरकार ने विधानसभा में एक विधेयक पेश किया है, जिसके तहत 500 वर्ग गज तक की पंचायती जमीन पर 20 साल या इससे अधिक समय से काबिज व्यक्तियों को मालिकाना हक दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति ने वर्ष 2000 से पहले पंचायती जमीन पर मकान बनाया है, बशर्ते कि मकान तालाब के अंदर न आता हो, फिरनी को प्रभावित न करता हो, तथा कृषि भूमि पर न हो, तो उसे कलेक्टर रेट पर मालिकाना हक दिया जाएगा।

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