01/09/26

लालड़ू में बिजली कटौती से नाराज किसानों ने अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे किया जाम, आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त

पंजाब , 01 सितंबर (अभिकान्त) : मोहाली जिले के लालड़ू में मंगलवार को खेती की मोटरों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिलने से नाराज किसानों ने अंबाला-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के बैनर तले किसान पहले पावरकाम के एक्सईएन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों से संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद वे हाईवे पर उतर आए। किसान मौखिक आश्वासन के बजाय बिजली आपूर्ति को लेकर लिखित भरोसे की मांग पर अड़े हुए थे, जिसके बाद पुलिस और पावरकाम अधिकारियों के साथ हुई बैठक में 20 घंटे बिजली देने का लिखित आश्वासन मिलने पर करीब एक घंटे बाद जाम खुला।

भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के ब्लॉक डेराबस्सी के बैनर तले विभिन्न गांवों के किसान लालड़ू स्थित पावरकाम के एक्सईएन कार्यालय पहुंचे थे। जिला प्रधान लखविंदर सिंह हैप्पी मलकपुर के नेतृत्व में किसानों ने पंजाब सरकार और पावरकाम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान नेताओं का कहना था कि खेती की मोटरों को जरूरत के मुताबिक बिजली नहीं मिलने से खेतों में सिंचाई का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों ने अधिकारियों से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की थी।

किसानों का कहना था कि उन्हें अधिकारियों की तरफ से केवल मौखिक आश्वासन दिया जा रहा था, जबकि वे बिना लिखित भरोसे के प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं थे। जब अधिकारियों की तरफ से कोई ठोस समाधान नहीं मिला तो आक्रोशित किसान अंबाला-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। हाईवे जाम होने के कारण कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई, जिससे राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और किसानों से बातचीत शुरू की।

करीब एक घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद पुलिस प्रशासन और पावरकाम के अधिकारियों ने किसान नेताओं के साथ बैठक की। बैठक के दौरान किसानों की मांगों पर विमर्श किया गया, जिसके बाद पावरकाम की ओर से खेती की मोटरों को भविष्य में 20 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का लिखित आश्वासन दिया गया।

लिखित भरोसा मिलने के बाद किसान संतुष्ट हुए और उन्होंने हाईवे से हटकर अपना धरना समाप्त कर दिया, जिसके बाद यातायात सुचारू रूप से शुरू हो गया। हालांकि, किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में खेती के लिए बिजली आपूर्ति में फिर से कोई कटौती या परेशानी आती है, तो वे दोबारा कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। इस प्रदर्शन के दौरान करनैल सिंह, जसवंत सिंह कुरली, जसविंदर सिंह, बलदेव सिंह रुड़की, लखविंदर सिंह लक्की साधापुर, अमनप्रीत सिंह हंडेसरा और दलवीर सिंह ढिल्लों सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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