चंडीगढ़: 41 लाख रुपये के रिश्वत मामले में निलंबित पटवारी पर कसेगा ईडी का शिकंजा; दर्ज होगा मनी लॉन्ड्रिंग का केस
जे कुमार चंडीगढ़, 23 अगस्त 2026 :
भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहीम के तहत पंजाब एवं हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ से एक बड़ी खबर सामने आई है। 41 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत लेने के आरोप में पहले से ही विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई और निलंबन का सामना कर रहे राजस्व विभाग के पटवारी पर अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा कसने जा रहा है। जांच एजेंसियों को इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (रिश्वत के पैसे को वैध बनाने व बेनामी संपत्तियां खरीदने) के पुख्ता इनपुट मिले हैं।
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज की गई एफआईआर (FIR) को आधार बनाते हुए ईडी ने प्रीवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज करने की तैयारी कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
आरोपी पटवारी पर जमीन के इंतकाल (Mutation), मुआवजा दिलाने या राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी को ठीक करने के नाम पर पीड़ित से 41 लाख रुपये की भारी रिश्वत मांगने और लेने का आरोप है। मामला उजागर होने पर सतर्कता विभाग (Vigilance Bureau) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था और सरकार ने उसे तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
अब ईडी की जांच में क्या होगा?
बेनामी संपत्तियों का पता लगाना: ईडी यह जांच करेगी कि रिश्वत की 41 लाख रुपये की रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई और इससे क्या-क्या संपत्तियां खरीदी गईं।
बैंक खातों और करीबियों की पड़ताल: आरोपी पटवारी के साथ-साथ उसके परिजनों और संदिग्ध सहयोगियों के बैंक खातों की भी गहन फॉरेंसिक जांच होगी।
संपत्तियों को अटैच करना: अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से जुटाई गई संपत्ति पाए जाने पर ईडी कानून के तहत उसे जब्त करेगी।
इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार में लिप्त अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
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