दिल्ली-NCR देश में ओजोन प्रदूषण का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट, अब सालभर का गंभीर संकट बना 'साइलेंट किलर'
अभिकान्त, 30 जून नई दिल्ली : पर्यावरण थिंक टैंक सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) के एक नए और बेहद चिंताजनक विश्लेषण में देश के शहरी पर्यावरण को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। विश्लेषण के अनुसार, भारतीय शहरों में जमीनी स्तर (ग्राउंड लेवल) का ओजोन प्रदूषण अब केवल किसी एक खास मौसम या दिन के कुछ ही घंटों की बात नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बेहद गंभीर और सालभर रहने वाले बड़े संकट का रूप ले चुका है।
इस विश्लेषण के मुताबिक, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) पूरे देश में ओजोन प्रदूषण के सबसे बड़े हॉटस्पॉट के रूप में उभरकर सामने आए हैं। चिंता की बात यह है कि अब केवल उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि दक्षिण और तटीय इलाकों के शहर भी इस अदृश्य और घातक गैस की चपेट में पूरी तरह आ चुके हैं।
बढ़ती गर्मी और तेज धूप से और खतरनाक हुई यह अदृश्य गैस
जारी किए गए इस विश्लेषण में ओजोन प्रदूषण के बढ़ने के मुख्य कारणों को भी स्पष्ट किया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, लगातार बढ़ती रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, तेज धूप और इसके साथ ही वाहनों व उद्योगों से निकलने वाली जहरीली गैसों के बीच होने वाले आपसी केमिकल रिएक्शन (रासायनिक प्रतिक्रिया) के कारण ग्राउंड लेवल ओजोन का निर्माण होता है। हवा में मौजूद यह प्रदूषक सीधे तौर पर दिखाई नहीं देता, जिसके कारण इसे एक 'साइलेंट किलर' माना जा रहा है। यह पर्यावरण के संतुलन को बिगाड़ने के साथ-साथ सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य, विशेषकर फेफड़ों और सांस प्रणाली के लिए एक बड़ा और सीधा खतरा बन गया है।
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