01/07/26

समीक्षा बैठक में लेटलतीफी और लापरवाही पड़ी भारी, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की सिफारिश पर महेंद्रगढ़ के DDPO सस्पेंड

जे कुमार नारनौल/महेंद्रगढ़ 1 जुलाई 2026 : हरियाणा प्रशासनिक गलियारे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (DDPO) प्रमोद कुमार को कर्तव्य में लापरवाही बरतने और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों के चलते तुरंत प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। यह सख्त कार्रवाई प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की कड़ी सिफारिश के बाद सरकार द्वारा अमल में लाई गई है। इस निलंबन के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

'दरवाजा पीछे है...' कहकर बैठक से निकाला बाहर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नारनौल के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिला विकास कार्यों और पंचायत विभाग से जुड़े करीब 7.5 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के लिए स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी। बैठक में जिले के उपायुक्त (DC) सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी समय पर उपस्थित हो चुके थे, लेकिन डीडीपीओ प्रमोद कुमार तय समय से देरी से पहुंचे। जब मंत्री ने उनसे इस महत्वपूर्ण बैठक में देर से आने का कारण पूछा, तो वे कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। अधिकारी की इस लापरवाही पर स्वास्थ्य मंत्री बेहद भड़क गईं और उन्होंने तल्ख तेवर अपनाते हुए कहा, "दरवाजा पीछे है, बाहर जाइए"। मंत्री के आदेश पर डीडीपीओ को बीच बैठक से ही बाहर जाना पड़ा।

विकास कार्यों में लापरवाही भी बनी वजह

डीडीपीओ पर गिरी इस गाज की मुख्य वजह सिर्फ लेटलतीफी ही नहीं, बल्कि उनके कार्यक्षेत्र में आ रही ढिलाई भी थी। समीक्षा के दौरान पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कई कार्यों में गंभीर कमियां और फाइलें तैयार न होने की बात सामने आई थी। मंत्री ने कहा कि जनता से जुड़े विकास कार्यों में इस प्रकार की शिथिलता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मौके पर ही मौजूद उपायुक्त को अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद सरकार ने निलंबन के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए।

निलंबन की अवधि के दौरान डीडीपीओ प्रमोद कुमार का मुख्यालय जिला चरखी दादरी के उपायुक्त कार्यालय में निर्धारित किया गया है, और वे बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इस कार्रवाई के जरिए स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि जनहित के कार्यों में समय की पाबंदी और जवाबदेही हर हाल में सुनिश्चित करनी होगी।

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