पंजाब: पोर्टल पर डेटा न देने वाले 79 प्राइवेट स्कूलों पर कसता शिकंजा; मान्यता रद्द करने का नोटिस, 3 अगस्त तक अंतिम समय
अभिकान्त, 02 अगस्त, पंजाब: पंजाब के शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों में फीस और सुविधाओं को लेकर पारदर्शिता लाने के लिए अपनी सख्ती बढ़ा दी है। अमृतसर जिले के 79 प्राइवेट स्कूलों द्वारा अनिवार्य सरकारी पोर्टल पर डेटा अपलोड न करने के चलते अब उनकी मान्यता (Affiliation/Recognition) रद्द होने का खतरा पैदा हो गया है। शिक्षा विभाग ने इन सभी 79 स्कूलों को नोटिस जारी कर 3 अगस्त 2026 तक संतोषजनक स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
819 में से 740 स्कूलों ने अपलोड किया डेटा, 79 अभी भी बाहर
अमृतसर जिले में कुल 819 प्राइवेट स्कूल संचालित हैं। अभिभावकों की ओर से फीस वृद्धि और अन्य अनियमितताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने फीस रेगुलेटरी बॉडी (Fees Regulatory Body) का गठन किया है, जिसके अमृतसर चेयरमैन जिले के डिप्टी कमिश्नर और सचिव जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) हैं।
इसके तहत सभी स्कूलों (PSEB, CBSE, ICSE आदि) के लिए पोर्टल पर स्टाफ, फीस स्ट्रक्चर और इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य किया गया था:
740 स्कूलों ने पूरा किया काम: 31 जुलाई की तय समय-सीमा तक 740 स्कूलों ने अपना डेटा पोर्टल पर जमा कर दिया।
79 स्कूल नियमों की अनदेखी में फंसे: निर्धारित समय बीतने के बावजूद 79 स्कूलों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की।
DEO का कड़ा रुख: जवाब संतोषजनक नहीं तो होगी सीधी कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) कंवलजीत सिंह ने बताया:
"नियमों का उल्लंघन करने वाले 79 स्कूलों को सख्त नोटिस जारी कर 3 अगस्त तक अंतिम मौका दिया गया है। यदि निर्धारित समय तक स्पष्टीकरण नहीं मिला या जवाब असंतोषजनक पाया गया, तो नियमानुसार मान्यता रद्द करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।"
प्राइवेट स्कूल संगठनों की चिंता और हाईकोर्ट का दरवाजा
निजी स्कूलों का पक्ष: प्राइवेट स्कूल यूनियनों का कहना है कि नए नियमों और प्रशासनिक दबाव के कारण छोटे व मध्यम प्राइवेट स्कूलों का संचालन मुश्किल हो रहा है, जो लाखों बच्चों को शिक्षा और कर्मचारियों को रोजगार दे रहे हैं।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई 4 अगस्त को: विभिन्न निजी स्कूल एसोसिएशनों ने सरकार के इन कड़े आदेशों के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है, जिस पर 4 अगस्त 2026 को सुनवाई तय है। हालांकि, कोर्ट में मामला होने के बावजूद शिक्षा विभाग प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर अपने रुख पर कायम है।
#AmritsarNews #PunjabEducation #PrivateSchools #DEOAmritsar #SchoolAffiliation #PunjabGovt #DanikKhabar
Previous
फतेहाबाद: पुलिस लाइन में 'एक पौधा माँ के नाम' अभियान के तहत त्रिवेणी रोपण; DSP कुलबंत सिंह और DSP नरसिंह ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
Next