29/04/25

पंजाब ने रोका भाखड़ा का पानी, सीएम मान बोले- हमारे पास एक बूंद फालतू नहीं; सीएम सैनी बोले जनता को भ्रमित कर रहे पंजाब के सीएम

पंजाब, 29 अप्रैल (अभी): पानी के मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बन गई है। पंजाब ने 15 दिन पहले भाखड़ा नहर से हरियाणा को दिए जाने वाले 9500 क्यूसेक पानी में कटौती कर 4000 क्यूसेक कर दिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि हरियाणा अपने हिस्से का पानी दो माह पहले ही इस्तेमाल कर चुका है। अब उनके पास किसी को देने के लिए एक बूंद फालतू पानी नहीं है।


पंजाब के इस कदम से हरियाणा के 14 जिलों में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। आने वाले दिनों में संकट बढ़ सकता है। हरियाणा सरकार ने पंजाब के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शर्तों के हिसाब से पानी देने को कहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, यह फैसला ठीक नहीं है। हरियाणा ने इस बारे में केंद्र से बात की है।


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि भाजपा पंजाब के पानी पर डाका डालने के लिए चाल चल रही है जिसे हम कामयाब नहीं होने देंगे। भाजपा जबरन दबाव बना रही है कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के जरिए हरियाणा को ज्यादा पानी दिया जाए जबकि, हरियाणा अपने हिस्से का सारा पानी इस्तेमाल कर चुका है। उन्होंने कहा कि पानी का जो हिसाब-किताब होता है, वह 21 मई से शुरू होकर अगले साल की 21 मई तक का होता है। इसमें कोटा फिक्स होता है कि पंजाब ने जो एग्रीमेंट किए हैं, उसके मुताबिक एक साल में कितना पानी हरियाणा और कितना राजस्थान को देना है।


पिछले दिनों हुई बीबीएमबी की बैठक से यह विवाद शुरू हुआ। बैठक में हरियाणा ने अपने अधिकतर हिस्सों में पानी की किल्लत का हवाला देते हुए 8500 क्यूसेक पानी देने की मांग रखी। सीएम नायब सैनी ने भी पंजाब सीएम के समक्ष मुद्दा उठाते हुए कहा था कि पहले भी हरियाणा को मई और जून माह में 9500 क्यूसेक पानी दिया जाता था। इस पर पंजाब के सीएम ने कहा कि हरियाणा को मानवता के आधार पर 4 हजार क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। इससे ज्यादा पानी नहीं देंगे, क्योंकि हरियाणा पहले ही अपने हिस्से से ज्यादा 103 फीसदी पानी इस्तेमाल कर चुका है।

राजनीति चमकाने के लिए जनता को भ्रमित कर रहे पंजाब के सीएम : नायब सिंह सैनी


मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के सीएम भगवंत मान के जल वितरण पर दिए गए बयान को आश्चर्यजनक बताया। उन्होंने कहा कि 26 अप्रैल को उन्होंने खुद भगवंत मान को फोन पर बताया था कि बीबीएमबी की टेक्निकल कमेटी ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को पानी छोड़ने का जो निर्णय 23 अप्रैल को लिया था, उसके क्रियान्वयन में पंजाब के अधिकारी आनाकानी कर रहे हैं। तब उन्होंने आश्वासन दिया था कि वे तुरंत अपने अधिकारियों को निर्देश देकर अगले दिन सुबह तक उन द्वारा क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। लेकिन 27 अप्रैल तक पंजाब के अधिकारियों ने कुछ नहीं किया तो उन्होंने भगवंत मान को पत्र लिखकर इन तथ्यों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 48 घंटे बाद भी पत्र का जवाब देने की बजाय मान साहब ने वीडियो जारी करके अपनी राजनीति चमकाने और जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया है।

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