फरीदाबाद में शहरी सेवाओं को नवीनतम मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा: डीएस ढेसी
चंडीगढ़, 08 मई (अभी) - शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार श्री डी.एस.ढेसी ने कहा कि राज्य सरकार शहरी विकास को प्राथमिकता में रखते हुए शहरों के आधारभूत ढांचे और सेवाओं को नवीनतम मानकों के अनुरूप उन्नत करना चाहती है। ऐसे में हमें तकनीक आधारित योजनाओं और जनभागीदारी को लागू करते हुए सुनियोजित विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
फरीदाबाद जिला में विभिन्न परियोजनाओं को लेकर आज मंडल आयुक्त श्री संजय जून, उपायुक्त श्री विक्रम सिंह व अन्य संबंधित विभागों व एजेंसियों के अधिकारियों के साथ श्री डीएस ढेसी की अध्यक्षता में पहली अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक आयोजित की गई।
श्री ढेसी ने बताया कि बैठक में फरीदाबाद की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा की गई। उन्होंने इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे विकास कार्य जो सीधे तौर पर आम जनता के जीवन को प्रभावित करते हैं, उन्हें पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस दौरान मिर्जापुर के 80 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी के ट्रायल के बारे में जानकारी ली गई। ट्रायल पूरा होने के अलावा अन्य औपचारिकताएं पूरी कर इसे पूरी तरह क्रियाशील बनाने के निर्देश बैठक में दिए गए। इसी प्रकार, हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में संपन्न एफएमडीए की छठी बैठक में पारित किए गए 20 एमएलडी के एक अन्य एसटीपी का निर्माण कार्य भी शुरू करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्मार्ट शौचालयों के विषय पर संयुक्त समिति गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि तीन सदस्यीय समिति शौचालयों के सुधार और संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक पहलुओं पर व्यय की औसत लागत तथा शौचालयों की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
इस दौरान सीसीटीवी के माध्यम से शहर की निगरानी व्यवस्था पर विचार करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। बस क्यू शेल्टर से संबंधित प्रस्ताव के बारे में कहा गया कि इसे पायलट मोड पर लागू किया जाए। शुरुआती दौर में 25 बस क्यू शेल्टर लगाए जाएं। फतेहपुर चंदीला में स्मार्ट सिटी के तहत निर्माणाधीन सड़क और सीवरेज से संबंधित कार्यों को एमसीएफ के माध्यम से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सीवरेज व्यवस्था को सुधारने के लिए एमसीएफ और एफएमडीए मिलकर एसओपी बनाकर काम करेंगे। इसके लिए कंट्रोल रूम सिस्टम तैयार किया जाएगा। इसमें एसडीओ स्तर का अधिकारी जनता की समस्याएं सुनेगा और उसके समाधान पर काम करेगा।
बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि कॉरपोरेट संस्थानों, अस्पतालों व अन्य शिक्षण संस्थानों में उपचारित जल के उपयोग पर मंथन कर उसे बागवानी में उपयोग करने के लिए दिशा-निर्देश दिए जाएं।इसके लिए उपायुक्त जल्द ही अपने स्तर पर बैठक आयोजित करेंगे।