27/01/26

बाल विवाह पर अम्बाला डीसी का सख्त रुख: बोले—दोषियों को होगी उम्रकैद, मैरिज पैलेस और सरपंच रखें पैनी नजर

अम्बाला, 27 जनवरी (अभी) : उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। बाल विवाह की गतिविधि में सलिप्त मामले में कड़ी सजा का भी प्रावधान है। बाल विवाह को रोकने के लिए सम्बधिंत विभाग बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि जिले में बाल विवाह की गतिविधि न हो। उपायुक्त मंगलवार को अपने कार्यालय में सम्बधिंत अधिकारियों की एक बैठक लेकर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे।


उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए सम्बधिंत विभागों से इस विषय के तहत जो गतिविधियां एवं कार्य किए जा रहे है उसकी समीक्षा की। उन्होनें कहा कि बाल विवाह के मामले में यदि कोई कम आयु वर्ग का पाया जाता है तो नियमानुसार दो साल की सजा का प्रावधान है और यदि इस मामले में पोक्सो एक्ट की धारा लग जाती है तो उम्र कैद की सजा का प्रावधान हैं। उपायुक्त ने बाल विवाह को रोकने के दृष्टिगत स्कूलों व अन्य जगहों पर व्यापक प्रचार प्रसार करने के बारे निर्देश दिए। साथ ही स्लम एरिया में भी शेडयूल अनुसार आउटरिंच कार्यक्रम के माध्यम से लड़कियों को इस विषय बारे जागरूक करने बारे निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के तहत मैरिज पैलेस के प्रतिनिधि भी इस बात का ध्यान रखे कि कही पर भी बाल विवाह की गतिविधि न हो। बाल विवाह से सम्बधिंत यदि कोई भी सूचना है तो हैल्पलाईन नम्बर 112, 181 व 1098 पर दी जा सकती है। बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिला खण्ड एवं विकास पंचायत अधिकारी को भी निर्देश दिए कि सभी गांवों में भी सरपंचों के माध्यम से इस गतिविधि पर नजर रखे।महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे भी बाल विवाह के रोकने के दृष्टिगत अपने विभाग के तहत भी महिलाओं एवं विशेषकर लड़कियों को जागरूक करे।  मकसद बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को सफल बनाना है और इसके लिए हम सबकों इसके लिए कार्य करना हैं।  


बैठक में संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी अरविन्दजीत कौर, महिला एवं बाल विकास की जिला कार्यक्रम अधिकारी मनीषा गागट, बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन रणजीता मेहता, जिला बाल सरंक्षण अधिकारी ममता, डीडीपीओ दिनेश शर्मा, इंस्पेक्टर सुनीता ढाका, जिला समन्वयक सुरेंद्र कुमार के साथ-साथ सम्बधिंत विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहें।

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