अंबाला उपायुक्त ने कृषि अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, पराली प्रबंधन व सरकारी योजनाओं की समीक्षा
अम्बाला , 17 अगस्त (अभिकान्त) : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक लेते हुए संबधित विभाग के अधिकारियों को कहा कि कृषि एवं बागवानी विभाग द्वारा क्रियान्वित योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर पात्र किसानों को समयबद्ध तरीके से मिलना सुनिश्चित होना चाहिए तथा फसल अवशेषों का वैज्ञानिक प्रबंधन बारे किसानों को जागरूक करे। इसके अलावा विभाग से सम्बधिंत योजनाओं के क्रियान्वित बारे जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कृषि विभाग से आए अधिकारियों से उनके विभाग से सम्बधिंत जो योजनाएं चलाई जा रही है उसकी विस्तार से समीक्षा की। उन्होनें कहा कि फसलों की कटाई के उपरान्त खतों में पड़े अवशेष न जले, इसको ध्यान में रखकर किसानों को समय रहते जागरूक करना है। मकसद खतों में अवशेषों के जलने की कोई घटना नहीं होनी चाहिए।
उन्होनें यह भी कहा कि इन अवशेषों का सही प्रबधंन होना चाहिए। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को फसल प्रबधंन के लिए कृषि यंत्रों पर अनुदान मिलता है वही स्कीम अनुसार अवशेषों के सही निस्तारण के लिए विभाग द्वारा हरियाणा पराली प्रोत्साहन योजना 2024-25 के तहत फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए 1000 रूपए प्रति एकड़ का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। योजना के तहत किसानों को पराली को मिट्टी में मिलाने और गांठें बनाने के लिए सुपर सीडर, जीरो टिलेज मशीन, स्ट्रॉ चॉपर और हैप्पी सीडर जैसे कृषि यंत्र अनुदान पर दिया जाता हैं।
उपायुक्त ने सम्बधिंत अधिकारियों से यूरिया की आपूर्ति इत्यादि से सम्बधिंत, फार्मर आईडी बारे, सोयल हैल्थ कार्ड बारे, मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकरण बारे आदि विषयों पर भी विस्तार से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया। उन्होनें कहा कि किसानों का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसलों का पंजीकरण करना अनिवार्य है। पोर्टल पर पंजीकरण होने से किसानों को सरकार की तरफ से कई सुविधाएं दी जाती है। जैसे मंडी में उनकी फसलों को प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाना इत्यादि शामिल हैं।
बॉक्स: उपायुक्त ने बैठक के दौरान उद्यान विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि जितनी भी योजनाएं चल रही है उन योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को मिलना सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होनें बैठक में आए अधिकारियों से भावांन्तर भरपाई योजना, मुख्यमंत्री बागवानी योजना, मिशन एमआईडीएच, मधुमक्खी पालन के साथ-साथ अन्य सम्बधी विषयों पर भी जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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