राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री ने की विभाग की प्रगति की समीक्षा
चंडीगढ़,30 दिसंबर (अभी) - राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के काम की समीक्षा करते हुए आपदा प्रबंधन मंत्री ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का समय पर तथा सटीक आकलन करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि गिरदावरी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाए तथा राजस्व अधिकारी प्रभावित जिलों में फसल क्षति की सीमा का तुरंत आकलन करना शुरू करें। उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ओलावृष्टि के कारण नुकसान झेलने वाले किसानों को राज्य सरकार से समय पर मुआवजा और सहायता मिलना सुनिश्चित करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने राज्य की अग्नि और आपातकालीन सेवा प्रणाली को आधुनिक मानकों के अनुरूप उन्नत करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इन सेवाओं को नवीनतम तकनीक, उन्नत प्रशिक्षण और पर्याप्त संसाधनों से लैस करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अग्नि और आपातकालीन सेवाओं के आधुनिकीकरण से उनकी दक्षता, सुरक्षा और आपातकाल के दौरान समय पर प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार होगा। इससे अंततः जान बचाने, संपत्ति के नुकसान को कम करने और जनता की समग्र सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को अग्नि और आपातकालीन सेवाओं के मौजूदा बुनियादी ढांचे का गहन मूल्यांकन करने और प्रणाली में मौजूदा खामियों को दूर करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया में शामिल विभिन्न विभागों के बीच समन्वय में सुधार के महत्व पर भी जोर दिया ताकि संकटों से निपटने के लिए अधिक एकीकृत और सुव्यवस्थित दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जा सके। मंत्री ने दोहराया कि हरियाणा सरकार जनता को सर्वोत्तम संभव सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, और राज्य के आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।