06/04/25

दिल्ली मेट्रो का नया कॉरिडोर, 3 कोच वाली मेट्रो पहली बार, जानें कहां से कहां तक का होगा सफर

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (अभी): दिल्ली मेट्रो जल्द ही एक नया कॉरिडोर शुरू करने जा रही है, जो लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक (Saket G Block) तक जाएगा. यह कॉरिडोर भारत में पहली बार 3 कोच वाली मेट्रो ट्रेनों के साथ संचालित होगा और देश के शहरी परिवहन में एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा. 

बता दें कि 8 किलोमीटर लंबी यह लाइन दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की दूसरी सबसे छोटी लाइन होगी, जो मौजूदा मेट्रो लाइनों के साथ आसान इंटरचेंज और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी.

3 कोच वाली ट्रेनों के फायदे


यह नई मेट्रो प्रणाली खास तौर पर कम दूरी की यात्रा के लिए बनाई गई है. आमतौर पर मेट्रो ट्रेनें 4, 6 या 8 कोच वाली होती हैं, लेकिन 3 कोच वाली छोटी ट्रेनें सस्ती और कुशल होंगी. इससे यात्रियों को बार-बार और तेज सेवा मिलेगी. साथ ही, कम ऊर्जा खपत के कारण यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद होगी. जैसे-जैसे यात्री बढ़ेंगे, ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी, जिससे यात्रा आसान और भीड़ से मुक्त रहेगी.

कॉरिडोर के स्टेशन


इस कॉरिडोर में कुल 8 स्टेशन होंगे, जो विभिन्न प्रमुख इलाकों को जोड़ेंगे. पहले स्टेशन लाजपत नगर होगा, जहां पिंक और वायलेट लाइन से इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी. इसके बाद एंड्रयूज गंज स्टेशन आएगा, जो आवासीय क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. तीसरा स्टेशन जीके-1 होगा, जो ग्रेटर कैलाश तक पहुंचने का मार्ग खोलेगा. चौथा स्टेशन चिराग दिल्ली है, जो मैजेंटा लाइन से इंटरचेंज करेगा. इसके बाद पुष्पा भवन स्टेशन आएगा, जो सरकारी और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ेगा. साकेत कोर्ट स्टेशन साकेत जिला न्यायालय और मॉल तक सुविधा प्रदान करेगा. पुष्प विहार स्टेशन आसपास के सेक्टरों को लाभ पहुंचाएगा, और अंत में साकेत जी ब्लॉक स्टेशन गोल्डन लाइन से इंटरचेंज करने की सुविधा देगा.

यात्रियों के लिए फायदे


यह कॉरिडोर दक्षिण और मध्य दिल्ली के बीच सफर करने वालों के लिए बेहद उपयोगी होगा. इससे मौजूदा मेट्रो लाइनों पर भीड़ कम होगी और यात्रा का समय घटेगा. अनुमान है कि 2025 में रोजाना 60,000 से 80,000 यात्री इस लाइन का इस्तेमाल करेंगे, जो 2041 तक बढ़कर 1,20,000 से ज्यादा हो सकता है.

पर्यावरण और किफायत का ध्यान


3 कोच वाली ट्रेनें कम ऊर्जा खर्च करेंगी, जिससे यह कॉरिडोर पर्यावरण के अनुकूल और आर्थिक रूप से फायदेमंद होगा. स्टेशनों की लंबाई 74 मीटर होगी, जो इन छोटी ट्रेनों के लिए पूरी तरह अनुकूल है. यह नया कॉरिडोर दिल्ली के शहरी परिवहन को और बेहतर बनाएगा, साथ ही यात्रियों को तेज, सस्ती और सुविधाजनक सेवा देगा.

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