16/04/25

सैनिक को 21 साल बाद मिला इंसाफ: हाईकोर्ट ने बढ़ाई मुआवजे की रकम, डेढ़ लाख के बजाय मिलेंगे 33 लाख रुपये

चंडीगढ़, 16 अप्रैल (अभी): अंबाला में वाहन हादसे का शिकार हुए दिव्यांग सैनिक को 21 साल की कानूनी लड़ाई के बाद इंसाफ मिला। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल अंबाला द्वारा तय 1.5 लाख रुपये के मुआवजे को नाकाफी मानते हुए हाईकोर्ट ने बढ़ाकर 33 लाख कर दिया है।


याचिका दाखिल करते हुए पूरणमल ने बताया कि 27 जून 2004 को वह वाहन हादसे का शिकार हो गया था। हादसे के मुआवजे के लिए उसने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल अंबाला में याचिका दाखिल की थी। ट्रिब्यूनल ने मुआवजा राशि 1.5 लाख रुपये तय की जो काफी नहीं थी। ट्रिब्यूनल ने मुआवजे का आकलन करते समय गुणक विधि को लागू न करके गलती की है।


भविष्य की संभावनाओं, जीवन की सुविधाओं के नुकसान या भविष्य के उपचार के लिए मुआवजे की कोई राशि नहीं दी गई। इसके अलावा, दर्द और पीड़ा, चिकित्सा व्यय, परिवहन शुल्क आदि के लिए दी गई राशि भी कम है। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद सभी मदों में तय राशि का आकलन करने के बाद इसे कम पाया। कोर्ट ने कहा कि याची सेना में था और हादसे के समय उनकी आयु 39 वर्ष थी। वह सेना में हवलदार थे और उनका वेतन 8197 रुपये प्रतिमाह था। ऐसे में सभी मदों में राशि को बढ़ाने की आवश्यकता है। हाईकोर्ट ने उपचार के लिए 2 लाख, दर्द और पीड़ा के लिए 5 लाख, अटेंडेंट चार्ज 8.5 लाख, ट्रांसपोर्टेशन का 1.5 लाख, जीवन की सुविधाओं के नुकसान के लिए 2 लाख, स्पेशल डाइट के लिए 1.5 लाख तय किए। कोर्ट ने 9 प्रतिशत ब्याज के साथ यह राशि जमा करवाने का बीमा कंपनी को आदेश दिया है।  

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