'विकसित भारत-जी राम जी कानून 2025' से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान; 125 दिन के रोजगार की गारंटी
जे कुमार अम्बाला शहर, 16 जनवरी 2026: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुक्रवार को पंचायत भवन के सभागार में 'विकसित भारत-जी राम जी कानून 2025' विषय पर एक विशेष मीडिया वार्तालाप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नए कानून की बारीकियों से पत्रकारों को अवगत कराना था ताकि समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया जा सके। कार्यक्रम में उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि पीआईबी के एडीजी राजेंद्र चौधरी मुख्य वक्ता रहे।
क्या है 'जी राम जी' कानून? (प्रमुख विशेषताएं)
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025 ग्रामीण विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
125 दिनों के रोजगार की गारंटी: मनरेगा के 100 दिनों के प्रावधान को बढ़ाकर अब हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया गया है।
किसानों के लिए 60 दिनों का विराम: कानून में फसल की बिजाई और कटाई के समय 60 दिनों का ब्रेक रखा गया है, ताकि किसानों को श्रमिकों की कमी न हो और मजदूरों को भी कृषि कार्यों से अतिरिक्त आय मिल सके।
समयबद्ध भुगतान और ब्याज: यदि मजदूरी के भुगतान में 15 दिनों से अधिक की देरी होती है, तो श्रमिकों को ब्याज दिया जाएगा। काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान है।
भ्रष्टाचार मुक्त प्रणाली: सभी भुगतान सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए जाएंगे, जिससे बिचौलियों और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी।
ग्राम सभाएं होंगी सशक्त: एडीजी राजेंद्र चौधरी
मुख्य वक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन 'विकसित गांव से विकसित भारत' की ओर बढ़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
अब विकास कार्यों का निर्णय ग्राम सभाएं स्वयं लेंगी, जिससे जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत होगा।
यह कानून पूरी तरह आधुनिक और जवाबदेह है, जो 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने मीडिया से अपील की कि वे इस कानून के बारे में फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों का तथ्यों के साथ खंडन करें।
मीडिया की भूमिका और प्रशासनिक सहयोग
एडीसी विराट और सीईओ जिला परिषद गगनदीप ने भी कानून की सराहना करते हुए कहा कि इससे किसान और मजदूर दोनों सशक्त होंगे। पीआईबी चंडीगढ़ के अधिकारी अहमद खान ने मंत्रालय की कार्यप्रणाली, फैक्ट चेक यूनिट और अनुसंधान इकाई के बारे में जानकारी दी, जो गलत सूचनाओं को रोकने में सहायक हैं।
कार्यक्रम के अंत में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर एसीयूटी राहुल कनवरिया, डीआईपीआरओ धर्मेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।
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