हमारे सभी पायलट सुरक्षित, नौसेना के निशाने पर था कराची; प्रेस ब्रीफिंग की 10 बड़ी बातें
नई दिल्ली, 11 मई (अभी): भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के आधिकारिक एलान के तीन घंटे बाद ही जम्मू-कश्मीर और पंजाब के कई क्षेत्रों में ड्रोन उड़ते नजर आए। धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। पाकिस्तान की ओर से सीजफायर तोड़ने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भारतीय सेना को पाकिस्तान की इस हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सख्त कदम उठाने की आदेश दिए।
भारत और पाकिस्तान के सीजफायर होने के अगले दिन यानी रविवार को भारत की तीनों सेनाओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती और वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी मीडिया को दी।
तीन प्रमुख समेत 100 आतंकियों का किया खात्मा
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया, आप सभी को पता है कि पहलगाम आतंकी अटैक में किस क्रूरता से 26 लोगों की हत्या की गई थी। ऑपरेशन सिंदूर आतंकियों और आतंकवाद के साजिशकर्ताओं का मारने और आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए किया गया था।
ऑपरेशन सिंदूर में हमने सीमा पार आतंकी ठिकानों को पहचाना। ये एक बड़ी मुश्किल थी, क्योंकि हमारे एक्शन का डर से कई ठिकाने पहले ही खाली करवा दिए गए थे। इसके बावजूद हमने तीन बड़े आतंकवादी मुदस्सर खास, हाफिज जमील और युसुफ अजहर समेत 100 से ज्यादा आतंकियों को मारा। ये आतंकी पुलवामा अटैक और IC 814 हाइजैक में शामिल थे।
पाकिस्तान में नौ आतंकी कैंप तबाह किए
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद उन्होंने हमारे पास कोई और रास्ता नहीं छोड़ा था। इसके बाद बहुत सोच-समझकर टारगेट का चयन किया था। नौ में से छह टारगेट पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) औ तीन पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में थे। हमने एयर टू सरफेस तरीके इनको टारगेट किया ताकि कोलैटरल डैमेज को कम किया जा सके।