30/03/25

दिल्ली-एनसीआर से ग्रेप 1 की पाबंदियां खत्म, हवा चलने से प्रदूषण हुआ कम

नई दिल्ली, 30 मार्च (अभी): दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) 1 के तहत लागू पाबंदियों को हटा दिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उप-समिति ने यह कदम राजधानी में शनिवार को आए वायु प्रदूषण में सुधार को देखने के बाद लिया। ग्रेप के पहले चरण के तहत सड़क किनारे भोजनालयों, होटलों व रेस्तरां में कोयले के इस्तेमाल पर रोक थी, लेकिन अब ये दोबारा शुरू हो जाएंगे। 



राजधानी में हवा की गति तेज होने व दिशा बदलने से प्रदूषण में सुधार आया है। शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 153 दर्ज किया गया जो मध्यम श्रेणी है। इसमें शुक्रवार की तुलना में 52 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि मंगलवार तक एक्यूआई मध्यम श्रेणी में बरकरार रहेगा। सीपीसीबी के अनुसार, एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 182 दर्ज किया गया। वहीं, फरीदाबाद में एक्यूआई सबसे कम 103 रहा।

सख्त निर्देश किया जारी : सिरसा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई निर्माण स्थलों पर निर्माण सामग्रियों को ढका नहीं गया था और निर्माण स्थलों से निकलने वाली मिट्टी भी खुले में पड़ी थी। न तो नियमित रूप से पानी का छिड़काव हो रहा था और न ही धूलकण की रोकथाम के लिए कोई उपाय। डीपीसीसी के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ऐसे डेवलपर के खिलाफ नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई करें। ट्रैफिक जाम, पीएम 2.5 स्तर बढ़ना और वायु प्रदूषण के बीच सीधा संबंध है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अधिकारियों को रजोकरी क्रॉसिंग के पास द्वारका-चंडीगढ़ बाइपास रोड जो धौला कुआं से जोड़ता है के लिए डायवर्जन प्लान बनाने को कहा, ताकि ट्रैफिक का सुगम परिचालन हो सके। वहीं, शिव मूर्ति इंटरचेंज पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने को कहा। सिरसा ने कहा कि गुरुग्राम-दिल्ली हाईवे राजधानी की लाइफलाइन है और यहां ट्रैफिक की अधिकता को देखते हुए वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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