हिमाचल प्रदेश में बीपीएल सूची को लेकर किया बड़ा बदलाव, इन परिवारों को नहीं मिलेगा फायदा, जानें..
हिमाचल, 31 जनवरी (अभी): हिमाचल सरकार ने बीपीएल सूची को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब बीएलएल सूची में 50 हजार रुपये या इससे अधिक ऋण सीमा वाले किसान क्रेडिट कार्ड होल्डर परिवारों को स्थान नहीं मिलेगा।
मार्च-अप्रैल माह में होने वाले बीपीएल परिवारों के चयन को लेकर प्रदेश सरकार ने 13 विभिन्न मापदंडों को तय किया है। इनके आधार पर ही पात्र लोगों को बीपीएल सूची में स्थान मिलेगा। इन मापदंडों में से किसी एक को भी पूरा करने वाला परिवार बीपीएल में शामिल नहीं हो सकेगा। इसके अलावा बीपीएल सूची में चयन को पांच ऐसे मापदंडों भी तय किए गए हैं, जिसके तहत आने वाले परिवारों को स्वत: ही बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा।
बीपीएल परिवारों की समीक्षा की जाएगी
जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश में मार्च-अप्रैल माह में बीपीएल परिवारों की समीक्षा की जाएगी। इस दौरान जहां अपात्र लोगों को बीपीएल सूची से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा, वहीं पात्र लोगों को इस बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा। इस दौरान किन-किन लोगों को बीपीएल सूची में शामिल किया जाना है तथा किन-किन लोगों को बाहर किया जाना है, उसके लिए प्रदेश सरकार ने 13 विभिन्न मापदंड तय किए हैं। तय किए गए इन 13 मापदंडों में अगर एक भी मापदंड के तहत कोई परिवार लाभ ले रहा है तो उसे बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। इन तय किए गए मापदंडों के अनुसार पक्की दीवारों वाले मकानों में रहने वाले सभी परिवार बीपीएल सूची से बाहर होंगे। इसके अलावा दो या इससे अधिक कमरों के मकानों में रहने वाले परिवारों को भी बीपीएल चयन की प्रक्रिया से बाहर करने का फैसला लिया गया है।
ये परिवार होंगे अपात्र
मोटरयुक्त दोपहिया, तिपहिया, चौपहिया वाहन और मछली पकड़ने की नाव रखने वाले व्यक्ति।
मशीनी तिपहिया-चौपहिया कृषि उपकरण।
50 हजार रुपये अथवा इससे अधिक ऋण सीमा वाले किसान क्रेडिट कार्ड।
वे परिवार जिनका कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो।
वे परिवार जिनका कोई सदस्य 10 हजार रुपये से अधिक प्रति माह कमा रहा हो।
आयकर देने वाले परिवार।
व्यवसाय कर देने वाले परिवार।
वे परिवार, जिनके पास रेफ्रिजरेटर हो।
परिवार जिनके पास लैंडलाइन फोन हो।
वे परिवार जिनके पास 2.5 एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमि हो।
दो या इससे अधिक फसल वाले मौसम के लिए 5 एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमि।
वे परिवार जिनके पास 7.5 एकड़ या इससे अधिक भूमि हो।
इन्हें स्वत: ही मिलेगा स्थान
आश्रयविहीन परिवार
बेसहारा-भीख मांग कर जीवनयापन करने वाले।
हाथ से मैला ढोने वाले।
आदिम जनजातीय समूह।
वैधानिक रूप से मुक्त करवाए गए बंधुआ मजदूर।