मुख्यमंत्री ने डीसी और एसपी को नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए

चंडीगढ़, 17 जनवरी (अभी) - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज राज्य के सभी उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ एक संयुक्त बैठक की अध्यक्षता की तथा उन्हें कानून एवं व्यवस्था, महिलाओं के प्रति अपराध, नशाखोरी, बाल श्रम तथा अवैध खनन जैसे गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री  हरविंदर कल्याण भी इस बैठक में शामिल हुए, जो करनाल के मधुबन पुलिस परिसर में हुई।

बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान अभियान के तहत अधिकारियों के समक्ष संविधान की प्रस्तावना पढ़ी।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक जमीनी स्तर पर सरकार का चेहरा होते हैं और राज्य के लोगों को उनसे बहुत उम्मीदें होती हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से इन अपेक्षाओं को पूरा करने और सरकारी नीतियों के कुशल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए निकट समन्वय में काम करने का आग्रह किया। उन्होंने उन्हें प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ जमीनी स्तर पर जनता तक पहुंचे।

*31 मार्च तक नये आपराधिक कानूनों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें*

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश देते हुए, 31 मार्च तक उन्हें पूरी तरह लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि अन्य प्रावधानों के अलावा, राज्य भर की सभी अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने ई-समन और ई-चालान के कार्यान्वयन पर जोर दिया, जिससे गवाहों को अपने बयान दर्ज करने के लिए अदालत में उपस्थित होने से छुटकारा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इन नए कानूनों का प्राथमिक उद्देश्य लोगों के लिए पारदर्शी और समय पर न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्दोष को गलत तरीके से दंडित न किया जाए, जबकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले। उन्होंने सभी अधिकारियों से इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रभावी रूप से सहयोग करने का आग्रह किया।

*राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है*

मुख्यमंत्री ने हरियाणा में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि जिला स्तर पर गठित समिति महिलाओं के खिलाफ अपराधों की प्रभावी निगरानी करे और प्रत्येक मामले में उचित कार्रवाई करे।

*डीसी व एसपी मिलकर चलायें नशाखोरी रोकने के लिए संयुक्त अभियान*

मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिलों में नशे के खिलाफ संयुक्त रूप से अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार के लिए अवैध नशे के कारोबार को खत्म करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों से ड्रग माफिया की पहचान करने, ड्रग सप्लाई चेन को लक्षित करने और उसे खत्म करने के लिए समन्वय से काम करने का आग्रह किया गया, जिसका अंतिम लक्ष्य राज्य को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाना है।

मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ ही युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति अभियान के तहत पूरे प्रदेश में मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को इन आयोजनों में युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक जिले में नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा को नशा मुक्त बनाने और नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के सख्त निर्देश देते हुए अधिकारियों को आश्वस्त किया कि उन्हें इन कार्यों के लिए पूरी छूट दी गई है।

मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे जिला एवं उपमंडल स्तर पर मैनुअल स्कैवेंजर के रूप में रोजगार के निषेध एवं उनके पुनर्वास अधिनियम के तहत सतर्कता समिति की नियमित बैठकें आयोजित करें। इसके अलावा, बड़ी दुर्घटनाओं के मद्देनजर जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने, सुरक्षित वाहन नीति की निगरानी करने तथा हिट एंड रन मामलों से सख्ती से निपटने के भी निर्देश दिए।

*अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए निर्णायक कार्रवाई करें*

राज्य में अवैध खनन के मामलों को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को ऐसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल और निर्णायक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी बताया कि खनन विभाग को भी इस मुद्दे से निपटने के लिए त्वरित उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

*प्रत्येक पुलिस स्टेशन पर एक बाल कल्याण अधिकारी तैनात किया जाएगा*

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षकों को संबोधित करते हुए निर्देश दिया कि हर थाने में एक समर्पित बाल कल्याण अधिकारी तैनात किया जाए। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को बच्चों और किशोरों को यौन अपराधों से बचाने के लिए उचित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि ऐसे जघन्य अपराधों को रोका जा सके। इसके अलावा, उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को बाल विवाह पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बाल श्रम की रोकथाम के लिए जिला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में मौजूदा टास्क फोर्स को अपने संचालन में और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 31 जनवरी तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को इस पहल की सफलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अभियान के तहत हर सरकारी कार्यालय की सफाई को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसके समर्थन के लिए, प्रत्येक विभाग केंद्रीय निगरानी पोर्टल पर डेटा अपडेट करने के लिए जिम्मेदार एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को मार्च 2025 तक ई-ऑफिस के उपयोग को लागू करने का निर्देश दिया, ताकि कामकाज को सुव्यवस्थित किया जा सके और समय की बचत हो सके।

*गधे के रास्ते युवाओं को विदेश भेजने में शामिल लोगों की पहचान करें और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें*

चिटफंड और अन्य योजनाओं के माध्यम से लोगों को पैसे बढ़ाने का झांसा देकर धोखा देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अनियमित रूप से धन जमा करने वाली योजना चलाता है, तो ऐसे माध्यमों से खरीदी गई किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे युवाओं को गधे के रास्ते विदेश भेजने वालों की पहचान करें और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, ताकि कोई भी युवाओं के भविष्य का दोहन न कर सके।

मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को गांवों में रात्रि विश्राम करने का निर्देश देते हुए कहा कि राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को न्याय दिलाना और उनकी पीड़ा को दूर करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने सभी अधिकारियों से गांवों में समय बिताने, लोगों से बातचीत करने, उनकी समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब और कम संसाधन वाले परिवारों के हितों की रक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरूण कुमार गुप्ता, पुलिस महानिदेशक श्री शत्रुजीत कपूर, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, सभी उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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