ओडिशा पवेलियन में मूर्तिकार अर्जुन मुंडा की मूर्तियां बन रही आकर्षण का केंद्र

चंडीगढ़, 11 फरवरी (अभी) - सूरजकुंड की वादियों में लगा 38 वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, देश विदेश के पर्यटक साल भर मेले का बेसब्री से इंतजार करते है। इस बार मेले में दो थीम स्टेट ओडिशा और मध्य प्रदेश अपनी अपनी संस्कृति और कारीगरी से आगंतुकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

ओडिशा पवेलियन में धान से बनी मूर्तियां खूब सुर्खियों में

स्टाल प्रबंधक अर्जुन मुंडा ने बताया कि वो पिछले 15 साल से धान की मूर्तियां बना कर लोगों के मन में अपनी जगह बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह कला उन्होंने अपने पिता से सीखी है, उनके पिता सदाशिव मुंडा अपनी कला को लेकर राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर सम्मानित भी हो चुके हैं।

मूर्तिकार अर्जुन बताते हैं कि एक मूर्ति बनाने में उनको तीन से चार दिन लगते है जिसके लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। इस काम में उनकी अर्धांगिनी उनका सहयोग करने का हर संभव प्रयास करती हैं, उनके द्वारा बनाई गई मूर्तियां लोगों को बेहद पसंद आ रही है। मेले में दर्शक मूर्तियां खरीदने के साथ उनकी कारीगरी की प्रशंसा भी कर रहे है। अर्जुन मुंडा का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड जैसे मेलों का आयोजन और भी होना चाहिए, जिससे कारीगरों को अपनी कारीगरी दिखाने का मौका मिल सके।

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