समस्याओं के समाधान के लिए विधायी प्रक्रिया का गहराई से अध्ययन करना आवश्यक: विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण

चंडीगढ़, 9 जनवरी (अभी) - हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण ने कहा है कि अपनी क्षमताओं और ज्ञान का विस्तार करना जीवन में एक सतत प्रक्रिया है और प्रशिक्षण से हमारे कौशल में सुधार होता है तथा ज्ञान का विकास होता है।

विधानसभा अध्यक्ष ने यह बात आज चंडीगढ़ के सेक्टर 26 स्थित महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान में हरियाणा विधानसभा के अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए आयोजित दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम के समापन समारोह में कही।

श्री हरविंदर कल्याण ने कहा कि विधानसभा की कार्यशैली को और बेहतर बनाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। संस्थाएं उसमें काम करने वालों की मेहनत से ही आगे बढ़ती हैं। हम सभी को जितना संभव हो सके उतना ज्ञान अर्जित करते रहना चाहिए और दूसरों को भी देते रहना चाहिए। अधिकारी और कर्मचारी विधानसभा सदस्यों को फीडबैक देने का काम करते हैं, जो बहुत महत्वपूर्ण है।
श्री कल्याण ने कहा कि राज्य के विकास और समाज के कल्याण के लिए नीतियां बनाने में विधानसभा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रशिक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके माध्यम से अधिकारियों/कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों को समझने और उनका सही ढंग से निर्वहन करने में मदद मिलती है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण हमें बदलते समय के साथ विधायकों और प्रशासन के बीच समन्वय बनाने और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेंगे। हम सभी को एक टीम के रूप में काम करना होगा और अपनी नेतृत्व क्षमता और कार्य कुशलता बढ़ानी होगी। विधानसभा की कार्यवाही, नियमों और विधायी प्रक्रिया का गहराई से अध्ययन करना, उन्हें समझना और समस्याओं का त्वरित समाधान करना आवश्यक है। अधिकारियों और सदस्यों को समय पर सही जानकारी देने की क्षमता कर्मचारियों में होना आवश्यक है।

श्री कल्याण ने कहा कि हमें यह प्रयास करते रहना चाहिए कि प्रशिक्षण का यह सिलसिला निरन्तर जारी रहे। जहां भी सीखने का मौका मिले, वहीं से ज्ञान अर्जित करना चाहिए। जितना अधिक हम अपना ज्ञान बढ़ाएंगे, उतना ही सकारात्मक रूप से हम अपने कार्य को पूर्ण कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की शुरूआत 8 जनवरी को हुई थी, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने किया था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा ने प्रेरणा एवं कार्यालय शिष्टाचार के बारे में बताया, संसदीय लोकतंत्र शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, लोकसभा के विषय विशेषज्ञों ने विधानसभा की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर संस्थान की निदेशक श्रीमती जूबी अमर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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