थर्राया हिसार, लड़ाकू सुखोई-30 विमान गरजे हिसार एयरपोर्ट पर
आरएस अनेजा, 06 फरवरी नई दिल्ली
हरियाणा के इकलौते हिसार एयरपोर्ट पर सुखोई-30 और अन्य लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी। भारतीय वायुसेना का प्रशिक्षण शिविर तीन दिन का था। वायुसेना का पहला दिन तैयारियों में बीता। अब दो दिन रिहर्सल होगी। भारतीय वायुसेना के 55 लोगों की टीम हिसार एयरपोर्ट पहुंची। इसमें सिरसा वायुसेना के करीब 18 पायलटों का दल शामिल है। इस टीम में अधिकतर पायलट सिरसा वायुसेना स्टेशन के हैं। इसके अलावा वायुसेना के अधिकारी भी शामिल हैं। वायुसेना का ट्रेनिंग प्रोग्राम हिसार एयरपोर्ट पर बने नए रनवे पर होगा, जो 7 फरवरी तक चलेगा। सिरसा वायुसेना स्टेशन के ग्रुप कैप्टन रीतम कुमार इस कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।
वायुसेना से जुड़े पूर्व अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि वायुसेना एयरफोर्स स्टेशन के अलावा वैकल्पिक हवाई पट्टी की तलाश करती है, ताकि जब दुश्मन हमारे ठिकानों को निशाना बनाए तो आपात स्थिति में हम वैकल्पिक रनवे का इस्तेमाल कर सकें। हिसार एयरपोर्ट आपात स्थिति में अंबाला और सिरसा वायुसेना स्टेशन का विकल्प बन सकता है।
हिसार हवाई अड्डे की 10 हजार फीट की हवाई पट्टी है। एयरपोर्ट करीब 7200 एकड़ में है। इस अड्डे को संचालित करने के लिए अभी डीजीसीए से लाइसेंस नहीं मिला है। लाइसेंस नहीं मिलने के कारण डोमेस्टिक फ्लाइट नहीं उड़ पाई। हिसार से लाइसेंस मिलने के बाद पांच राज्यों के लिए जहाज को उड़ाया जाना है। उम्मीद है फरवरी के अंत तक एयरपोर्ट को लाइसेंस मिल सकता है। इससे पहले वायुसेना के अधिकारी ही इस ट्रायल को कर रहे हैं। वायुसेना की तरफ से इस ट्रायल को लेकर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए है। कोई बाहरी व्यक्ति बिना इजाजत के अंदर नहीं जा सकता।
सिरसा एयरफोर्स स्टेशन के अधिकारियों की निगरानी में यह पूरा कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। शहर में विमानों की जोरदार आवाज से लोग घरों से बाहर निकल आए। आसमान की ओर देखने लगे। कुछ कॉलेजों और स्कूलों के बच्चे भी एयरपोर्ट के नजदीक रोड़ पर खड़े रहे और विमानों को उतरते देख उत्साहित हुए। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी आपातकालीन स्थिति में हिसार एयरपोर्ट की उपयोगिता को परखना है। सेना के अधिकारी यहां उपलब्ध संसाधनों का निरीक्षण कर रहे हैं, जिसमें रनवे, लोकेशन और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है।
वायुसेना के लड़ाकू विमान 10,000 फीट लंबी हवाई पट्टी पर रिहर्सल करेंगे। सिरसा और अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के विकल्प के रूप में हिसार एयरपोर्ट की संभावनाओं को परखा जा रहा है। इस दौरान वायुसेना के पायलट हिसार से सिरसा और अंबाला तक की उड़ान में लगने वाले समय का भी आकलन करेंगे।