सांभरलेक महोत्सव बना दो लाख पावणों का आनन्दमहोत्सव

बी.एस. बाछल, 20 फरवरी, जयपुर।

सांभर क्षेत्र के पर्यटन, कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग व जयपुर जिला प्रशासन द्वारा गत दिनों आयोजित पांच दिवसीय सांभर महोत्सव देश—विदेश के पर्यटन मानचित्र में सांभर को नए आयाम देने वाला साबित हुआ है। महोत्सव सांभर कस्बे में झपोक झील के किनारे आयोजित किया गया था। इस महोत्सव के दौरान देसी, विदेशी पर्यटकों ने सांभर साल्ट कैंपस, देवयानी तीर्थ सरोवर और मेला ग्राउंड पर रोमांचक बाईक राईड, फैन्सी पंतगबाजी, पैरा सेलिंग, एटीवी राईड्स, ऊंट सवारी, छायाचित्र प्रदर्शनी, सांभर नमक बनाने की प्रक्रिया देखने हेतु भ्रमण, दुर्लभ देशी  व प्रवासी पक्षी देखने के अनुभव के साथ-साथ लोक कलाकारों की आकर्षक व शानदार नृत्य व गायन प्रस्तुतियों का आनन्द भी लिया। महोत्सव के दौरान राजस्थानी कला एवं शिल्प स्टॉल, फोटोग्राफी प्रदर्शनी, फैन्सी पतंग उड़ाने का प्रदर्शन, पैरा सेलिंग, पैरा मेटरिंग, साल्ट लेक का भ्रमण और सांस्कृतिक संध्या पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केन्द्र रहे। इसके अलावा लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां, सांभर टाउन हेरिटेज वॉक, पेंटिंग और रंगोली प्रतियोगिता, घुडसवारी, ऊंट सवारी और ऊंटगाड़ी की सवारी सहित आकाशीय सितारों का अवलोकन और एस्ट्रो टूरिज्म ने भी पर्यटकों को आकर्षित किया। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक श्री उपेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि सांभर महोत्सव में देशी-विदेशी सैलानियों और स्थानीय लोगों को सांस्कृतिक, धार्मिक और रोमांचक अनुभवों से रूबरू कराया गया।  सांभर की सॉल्ट लेक फिल्म शूटिंग, प्री-वेडिंग शूट और एस्ट्रो टूरिज्म के लिए भी लोकप्रिय हो रही है।  इस अविस्मरणीय, मनमोहक सांभरलेक लोक महोत्सव में दो लाख से अधिक देशी विदेशी पर्यटकों की उपस्थिति  उप मुख्यमंत्री व पर्यटन मंत्री दिया कुमारी की दूरदर्शिता, प्रयासों के साथ-साथ पर्यटन विभाग के अधिकारियों के कठोर परिश्रम का प्रतिफल है। 

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