कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा को गुणवत्ता पूर्ण एवं स्वरोजगारमुखी बनाने के उद्देश्य से बैठक का आयोजन

बी.एस. बाछल, 19 फरवरी, जयपुर।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा को गुणवत्ता पूर्ण एवं स्वरोजगारमुखी बनाने के उद्देश्य से राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालय तथा निजी क्षेत्र में कार्यरत कृषि महाविद्यालयों के अधिकारियों व पदाधिकारियों के साथ शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल की अध्यक्षता में मंगलवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में बैठक का आयोजन किया गया।

शासन सचिव ने राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि संकाय संचालित निजी विश्वविद्यालय तथा निजी क्षेत्र में कार्यरत कृषि महाविद्यालयों के अधिकारियों व पदाधिकारियों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाने तथा निजी कृषि महाविद्यालयों के संचालन हेतु क्षेत्रीय आवश्यकताओं, छात्रों, सभी हितधारकों एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुये राज्य सरकार को सुझाव देने हेतु कमेटी के गठन के निर्देश प्रदान करें। उन्होंने कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा को गुणवत्ता पूर्ण एवं रोजगार मुखी बनाये जाने पर जोर दिया। 

बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में समय-समय पर किये गये बदलाव एवं दिशा-निर्देश के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई तथा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में निहीत स्वरोजगार मुखी विषयों को सम्मिलित कर ज्ञान के परिदृश्य में विधार्थियों में उद्यमिता, नैतिकता, तार्किकता, करूणा और संवेदनशीलता विकसित की जा सके जिससे विधार्थी रोजगार के लिये सक्षम बन सके।

शासन सचिव ने कृषि विश्वविद्यालय में उत्पन्न पेंशन एवं सेवानिवृति परिलाभों के भुगतान एवं विश्वविद्यालय द्वारा पेंशन फण्ड के सम्बन्ध में की गई कार्यवाही एवं पेंशन की कुलदेयता व विश्वविद्यालय की आय बढ़ाने के लिए रियल स्टेट, अनुसंधान, पेटेन्ट, बीज उत्पादन आदि आय के साधनों के बारे में विस्तृत चर्चा की। विश्वविद्यालय की भूमियों को राजस्व रिकॉर्ड में विश्वविद्यालय के नाम नामान्तरण कराने के निर्देश प्रदान किये। 

प्रधान मुख्य वन संरक्षक अर्जित बनर्जी ने कहा कि उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय झालावाड़ के शैक्षणिक कार्यक्रम को और गतिशील बनाने के लिए समय-समय पर शिक्षण कार्यो में वन विभाग द्वारा सहयोग किया जायेगा। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को समर ट्रेनिंग कराये जाने के लिए भी कहा।

बैठक में प्रधान वन संरक्षक अनुराग भारद्वाज, अतिरिक्त प्रधान वन संरक्षक अरूण प्रसाद, आयुक्त कृषि सुश्री चिन्मयी गोपाल, उप शासन सचिव कृषि (ग्रुप-3) अशोक कुमार मीणा, कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रतिनिधि, निजी कृषि विश्वविद्यालयो एवं महाविद्यालयों के प्रतिनिधि अतिरिक्त निदेशक कृषि (अनुसंधान) एच.एस. मीणा, संयुक्त निदेशक कृषि (एटीसी) अर्जुन लाल सहित विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।

Previous
Previous

जयपुर के जवाहर कला केंद्र की तर्ज पर सीकर जिले में अमृता हाट मेले का शुभारंभ

Next
Next

महाकुंभ प्रयागराज में संचालित राजस्थान मंडप की व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक आयोजित