केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 'साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध' विषय पर संसदीय परामर्शदात्री समिति बैठक की अध्यक्षता की

आरएस अनेजा, 11 फरवरी नई दिल्ली

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में 'साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध' विषय पर गृह मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बंडी संजय कुमार, समिति के सदस्यों, केन्द्रीय गृह सचिव और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। समिति ने बैठक में 'साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध' से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हुआ है, जिसके कारण स्वाभाविक रूप से साइबर हमलों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि साइबर स्पेस को अलग दृष्टि से देखें तो ‘सॉफ्टवेर’ ‘सर्विसेज’ और ‘यूजर्स’ तीनों का एक जटिल नेटवर्क है। उन्होंने कहा कि जब तक ‘सॉफ्टवेर’ ‘सर्विसेज’ और ‘यूजर्स’ के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी को नियंत्रित नहीं किया जाएगा, तब तक साइबर स्पेस की समस्याओं का समाधान असंभव है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में गृह मंत्रालय ने साइबर सुरक्षित भारत बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

अमित शाह ने कहा कि साइबर क्राइम ने सारी भौगोलिक सीमाओं को समाप्त कर दिया है। यह ‘बॉर्डरलेस’ और ‘फॉर्मलेस’ क्राइम है, क्योंकि इसकी कोई सीमा या तय स्वरुप नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत पिछले एक दशक में ‘डिजिटल क्रांति’ का साक्षी बना है। ‘डिजिटल क्रांति’ के साइज़ और स्केल को समझे बिना हम साइबर क्षेत्र की चुनौतियों का सामना नहीं कर सकते।

अमित शाह ने कहा कि आज भारत दुनिया में डिजिटल परिदृश्य में तीसरे नंबर का देश बन चुका है। भारत की अर्थव्यवस्था का कुल 20 प्रतिशत हिस्सा डिजिटल अर्थव्यवस्था में योगदान करता है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय का लक्ष्य है कि साइबर अपराध के मामलों में एक भी FIR दर्ज होने की नौबत नहीं आए।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि साइबर अपराध से निपटने के लिए हमने चार प्रकार की रणनीति अपनाई है जिसमें Convergence, Coordination, Communication और Capacity शामिल हैं। इन चारों में निश्चित लक्ष्य और व्यूह रचना के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर-मंत्रालयी और गृह मंत्रालय में अंतर-विभागीय समन्वय को बढाया गया है, जिससे सीमलेस कम्युनिकेशन और सूचना की धारा प्रवाह प्राप्ति को सुनिश्चित किया जा रहा है।

अमित शाह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग और रिज़र्व बैंक तथा अन्य सभी बेंक के साथ समन्वय से म्यूल अकाउंट्स की पहचान की व्यवस्था बनाने के लिए प्रयास जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि म्यूल अकाउंट को ऑपरेट होने से पहले ही बंद करने की व्यवस्था भी की जाएगी। गृह मंत्री ने कहा कि हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि लोगों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 'रुकें, सोचें और फिर कार्रवाई करें' (STOP-THINK-TAKE ACTION) के मंत्र के बारे में जानकारी देकर उन्हे साइबर अपराधों के प्रति सतर्क किया जा सके।

समिति के सदस्यों ने 'साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध' संबंधी मुद्दों पर अपने सुझाव दिए और सरकार द्वारा साइबर सुरक्षा के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों की सरहना की।  

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