केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लिम्फेटिक फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए इस बीमारी से चिन्हित 13 राज्यों में राष्ट्रीय सार्वजनिक औषधि वितरण अभियान का शुभारंभ किया

आरएस अनेजा, 10 फरवरी नई दिल्ली।

लिम्फेटिक फाइलेरिया लोगों को अक्षम बना देता है और उनके जीवन की गुणवत्ता को खराब करता है। इसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने यह सुनिश्चित करने के लिए पांच-आयामी रणनीति को लागू करने का आह्वान किया कि 2030 के सतत विकास लक्ष्य से बहुत पहले इस बीमारी को जड़ से खत्म कर दिया जाए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया कि एमडीए अभियान के दौरान कोई भी छूट न जाए। 

यह अभियान 13 राज्यों के 111 जिलों में साल में दो बार होता है। उन्होंने बताया, “10 फरवरी से ये दवाएं इस बीमारी से चिन्हित जिलों में 17.5 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी। यह जरूरी है कि इन क्षेत्रों के निवासी इन दवाओं का सेवन करें और अपने परिवार सहित खुद को इस दुर्बल करने वाली बीमारी से बचाएं।” उन्होंने उच्च कवरेज प्राप्त करने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “चिन्हित जिलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि 90 प्रतिशत से अधिक पात्र लोग फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करें। हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प जीवन को बदलने और लिम्फेटिक फाइलेरिया से मुक्त भविष्य सुनिश्चित करने में मदद करेगा।”

श्री नड्डा ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे पीड़ित लोगों का शीघ्र निदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर अभियान की निगरानी करें। उन्होंने इसके लिए चिन्हित राज्य/जिला स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व की व्यक्तिगत भागीदारी का भी आह्वान किया।

केंद्रीय मंत्री ने अभियान से जुड़ी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को शामिल करके समग्र सरकारी दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह एकीकृत दृष्टिकोण, संबद्ध मंत्रालयों में उच्च-स्तरीय वकालत के साथ मिलकर अंतर-क्षेत्रीय अभिसरण को बढ़ावा देगा।

श्री नड्डा ने राज्यों से लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी आईईसी गतिविधियों को लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने व्यापक पहुंच के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों को अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश और ओडिशा के किए अच्छे कार्यों पर प्रकाश डाला और डिजिटल प्रौद्योगिकियों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए उनकी सराहना की।

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