प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2025-26 की प्रशंसा की

आरएस अनेजा, 01 फरवरी नई दिल्ली

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट की प्रशंसा की। उन्होंने कहा आज भारत की विकास यात्रा का एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है। ये 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का बजट है, ये हर भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला बजट है।

उन्हहोंने कहा मने कई सेक्टर्स युवाओ के लिए खोल दिए हैं। सामान्य नागरिक, विकसित भारत के मिशन को ड्राइव करने वाला है। यह बजट एक फ़ोर्स मल्टीप्लायर है। यह बजट सेविंग्स को बढ़ाएगा, इन्वेस्टमेंट को बढ़ाएगा, कंजम्पशन को बढ़ाएगा और ग्रोथ को भी तेज़ी से बढ़ाएगा। मैं वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जी और उनकी पूरी टीम को इस जनता जर्नादन का बजट, पीपल्स  का बजट, इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। आमतौर पर बजट का फोकस इस बात पर रहता है कि सरकार का खजाना कैसे भरेगा, लेकिन ये बजट उससे बिल्कुल उल्टा है। लेकिन ये बजट देश के नागरिकों की जेब कैसे भरेगी, देश के नागरिकों की बचत कैसे बढेगी और देश के नागरिक विकास के भागीदार कैसे बनेंगे, ये बजट इसकी एक बहुत मजबूत नींव रखता है।

इस बजट में रीफॉर्म की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये गए हैं। न्यूक्लियर एनर्जी में प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देने का निर्णय बहुत ही ऐतिहासिक है। ये आने वाले समय में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी का बड़ा योगदान देश के विकास में सुनिश्चित करेगा। बजट में रोजगार के सभी क्षेत्रों को हर प्रकार से प्राथमिकता दी गई है। लेकिन मैं दो चीजों पर ध्यान आकर्षित कराना चाहूंगा, उन रीफॉर्म्स की मैं चर्चा करना चाहूँगा, जो आने वाले समय में बहुत बड़ा परिवर्तन लाने वाले हैं। एक- इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस देने के कारण भारत में बड़े शिप्स के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति मिलेगी और हम सब जानते हैं कि शिप बिल्डिंग सर्वाधिक रोजगार देने वाल क्षेत्र है। उसी प्रकार से देश में टूरिज्म के लिए बहुत संभावना है। महत्वपूर्ण 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स, वहां पर जो होटल्स बनाएंगे, उस होटल को पहली बार इंफ्रास्ट्रक्चर के दायरे में लाकर टूरिज्म पर बहुत बल दिया है। इससे होस्पिटैलिटी सेक्टर को जो रोजगार का बहुत बड़ा क्षेत्र है और टूरिज्म जो रोजगार का सबसे बड़ा क्षेत्र है, एक प्रकार से चारों तरफ रोजगार के अवसर पैदा करने करने वाला ये क्षेत्र को ऊर्जा देने वाला काम करेगा। आज देश, विकास भी, विरासत भी इस मंत्र को लेकर चल रहा है। इस बजट में भी इसके लिए भी बहुत महत्वपूर्ण और ठोस कदम उठाए गए हैं। एक करोड़ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए, manuscript के लिए ज्ञान भारतम मिशन लॉन्च किया गया है। साथ ही, भारतीय ज्ञान परंपरा से प्रेरित एक नेशनल डिजिटल रिपॉजटरी बनाई जाएगी। यानी टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया जाएगा और हमारा जो परंपरागत ज्ञान है, उसमें से अमृत निचोड़ने का भी काम होगा।

उन्होंने कहा बजट में किसानों के लिए जो घोषणा हुई है वो कृषिक्षेत्र और समूची ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई क्रांति का आधार बनेगी। पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत 100 जिलों में सिंचाई और इनफ्रास्ट्रक्चर का development होगा, किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 5 लाख तक होने से उन्हें ज्यादा मदद मिलेगी। अब इस बजट में 12 लाख रुपए तक की आय को टैक्स से मुक्त कर दिया गया है। सभी आय वर्ग के लोगों के लिए टैक्स में भी कमी की गई है। इसका बहुत बड़ा फायदा हमारे मिडिल क्लास को, नौकरी पेशे करने वाले जिनकी आय बंधी हुई है, ऐसे लोगों को मिडिल क्लास को इससे बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। उसी प्रकार से जो नए-नए प्रोफेशन में आए हैं, जिनको नए नए जॉब मिले  हैं, इनकम टैक्स की ये मुक्ति उनके लिए एक बहुत बड़ा अवसर बन जाएगी।  

इस बजट में मैन्युफैक्चरिंग पर 360 डिग्री फोकस है, ताकि  Entrepreneurs को, MSMEs को, छोटे उद्यमियों को मजबूती मिले और नई Jobs पैदा हों। नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन से लेकर क्लीनटेक, लेदर, फुटवियर, टॉय इंडस्ट्री जैसे अनेक सेक्टर्स को विशेष समर्थन दिया गया है। लक्ष्य साफ है कि भारतीय प्रोडक्ट्स, ग्लोबल मार्केट में अपनी चमक बिखेर सकें। राज्यों में इन्वेस्टमेंट का एक वाइब्रेंट कंपटीटिव माहौल बने, इस पर बजट में विशेष जोर दिया गया है।  MSMEs और स्टार्टअप्स के लिए क्रेडिट गारंटी को दोगुना करने की घोषणा भी हुई है। देश के  SC, ST और महिला उद्यमी,  जो नए उद्यमी बनना चाहते हैं, उनको 2 करोड़ रुपए तक के लोन की योजना भी लाई गई है और वो भी बिना गारंटी। इस बजट में, new age इकॉनॉमी को ध्यान में रखते हुए gig workers के लिए बहुत बड़ी घोषणा की गई है। पहली बार gig workers, का ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसके बाद इन साथियों को स्वास्थ्य सेवा और दूसरी सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स का लाभ मिलेगा। ये डिग्निटी ऑफ लेबर इसके प्रति, श्रमेव जयते के प्रति सरकार के कमिटमेंट को दर्शाता है। रेगुलेटरी रिफॉर्म्स से लेकर फाइनांशियल रिफॉर्म्स जन विश्वास 2.0 जैसे कदमों से मिनिमम गवर्नमेंट और ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेंस के हमारे कमिटमेंट को और बल मिलेगा।

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