प्रधानमंत्री ने सेना के वरिष्ठ हवलदार बलदेव सिंह (सेवानिवृत्त) के निधन पर शोक व्यक्त किया
आरएस अनेजा, 09 जनवरी नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेना के वरिष्ठ हवलदार बलदेव सिंह (सेवानिवृत्त) के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के प्रति उनकी विशिष्ठ सेवा को आने वाले वर्षों में याद किया जाएगा। मोदी ने कहा कि उनके साहस और धैर्य के सच्चे प्रतीक, राष्ट्र के प्रति उनका अटूट समर्पण भावी पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी एक पोस्ट में लिखा;
"हवलदार बलदेव सिंह (सेवानिवृत्त) के निधन से दुखी हूं। भारत के लिए उनकी असाधारण सेवा को आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा। साहस और धैर्य के सच्चे प्रतीक, राष्ट्र के प्रति उनका अटूट समर्पण भावी पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। मुझे कुछ साल पहले नौशेरा में उनसे हुई भेंट अच्छी तरह याद है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।"
गौरतलब है कि 1947-48 में नौशेरा और झंगड़ की लड़ाई के दौरान सेना के लिए डिस्पैच रनर के रूप में सेवा देने और फिर चार भारत-पाक युद्धों में लड़ने के बाद, हवलदार बलदेव सिंह (सेवानिवृत्त) एक सम्मानित युद्ध नायक बन गए और उन्हें कई सम्मान मिले। सोमवार को, 93 वर्ष की आयु में जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के अपने गृहनगर नौशेरा में उनका निधन हो गया।
हवलदार सिंह का जन्म 27 सितंबर 1931 को नौशेरा के नौनिहाल गांव में हुआ था। महज 16 साल की उम्र में उन्होंने ब्रिगेडियर उस्मान के नेतृत्व में बाल सेना फोर्स में शामिल होने के लिए स्वेच्छा से काम किया, जो 50 पैरा ब्रिगेड के कमांडर थे और 1947-48 में नौशेरा और झंगर की लड़ाई के दौरान नौशेरा के शेर के रूप में जाने जाते थे।