चक्रीय अर्थव्यवस्था पर नीति आयोग द्वारा जयपुर में एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला

आरएस अनेजा, 31 जनवरी नई दिल्ली

नीति आयोग ने 30 जनवरी, 2025 को जयपुर, राजस्थान में ' चक्रीय अर्थव्यवस्था पर राष्ट्रीय कार्यशाला' आयोजित की। कार्यशाला का आयोजन नीति आयोग के राज्य सहायता मिशन के तहत ग्रीन ट्रांजिशन और जलवायु परिवर्तन प्रभाग द्वारा किया गया था, जिसमें मुख्य रूप से दो क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया: इंड ऑफ लाइफ वाहन (ईएलवी) और इंड ऑफ लाइफ टायर (ईएलटी)। इसमें निर्माताओं, रिसाइकिलर्स, भारत सरकार के अधिकारियों और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न उद्योग हितधारकों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्घाटन श्री नरेश पाल गंगवार, अपर सचिव, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने किया, जिन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने  के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता करने के लिए चक्रीय अर्थव्यवस्था के महत्व पर जोर दिया।

ईएलवी पर सत्रों में औपचारिक वाहन स्क्रैपिंग पारिस्थितिकी प्रणाली में उपभोक्ता जागरूकता की कमी, परिचालन और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों और पारिस्थितिकी प्रणाली में कार्बन क्रेडिट के एकीकरण सहित मुद्दों पर प्रकाश डाला गया। सत्र का समापन पैनलिस्टों और राज्य प्रतिनिधियों के बीच एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर के साथ हुआ।

आंध्र प्रदेश के एपीपीसीबी के अध्यक्ष डॉ. पी कृष्णैया ने एंड ऑफ लाइफ टायर्स पर सत्र की अध्यक्षता की। इसमें टायर रीसाइक्लिंग के विभिन्न पहलुओं जैसे वर्तमान नीति परिदृश्य, रीसाइक्लिंग तकनीक में विकास और डाउन साइकिलिंग की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। सत्र का समापन केरल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती श्रीकला के समापन भाषण के साथ हुआ।

कार्यशाला में भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के लगभग 50 प्रतिभागियों के साथ-साथ विनिर्माण और रीसाइक्लिंग उद्योगों के 100 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यशाला का समापन नवाचार, नीति विश्लेषण और तकनीकी समाधानों के माध्यम से क्षेत्रीय मुद्दों का समाधान खोजने के लिए सभी हितधारकों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल देने के साथ हुआ।

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