भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संसद के समक्ष अभिभाषण

आरएस अनेजा, 31 जनवरी नई दिल्ली

बजट सत्र से पहले आज राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने संसद के समक्ष अभिभाषण देते हुए कहा कि उन्हें संबोधित करते हुए हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। अभी दो माह पहले हमने संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ मनाई है, और कुछ दिन पहले ही भारतीय गणतंत्र ने 75 वर्षों की यात्रा भी पूरी की है। ये अवसर लोकतन्त्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को नयी ऊंचाई देगा। मैं सभी देशवासियों की तरफ से बाबासाहेब आंबेडकर समेत सभी संविधान निर्माताओं को नमन करती हूं।

उन्होंने कहा देश में महाकुंभ का ऐतिहासिक पर्व भी चल रहा है। महाकुंभ, भारत की सांस्कृतिक परंपरा का, भारत की सामाजिक चेतना का पर्व है। देश और दुनिया से आए करोड़ों श्रद्धालु प्रयागराज में पुण्य स्नान कर चुके हैं। मौनी अमावस्या के दिन हुए हादसे पर अपना दुख व्यक्त करती हूं, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। कुछ दिन पहले ही हमने देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह जी को खोया है। मनमोहन सिंह जी ने 10 वर्षों तक प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की। वो लंबे समय तक संसद के सदस्य भी रहे। मैं मनमोहन सिंह जी को भावभीनी श्रद्धांजलि देती हूं।

भारत की विकास यात्रा के इस अमृतकाल को आज मेरी सरकार अभूतपूर्व उपलब्धियों के माध्यम से नई ऊर्जा दे रही है। तीसरे कार्यकाल में तीन गुना तेज गति से काम हो रहा है। आज देश बड़े निर्णयों और नीतियों को असाधारण गति से लागू होते देख रहा है। और इन निर्णयों में देश के गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, महिलाओं, किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिली है। मेरी सरकार ने तीसरे कार्यकाल में सभी के लिए आवास के उद्देश्य की पूर्ति के लिए ठोस कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का विस्तार करते हुए तीन करोड़ अतिरिक्त परिवारों को नए घर देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए पांच लाख छत्तीस हज़ार करोड़ रुपए खर्च किए जाने की योजना है।

पीएम किसान सम्मान निधि के तहत करोड़ों किसानों को पिछले महीनों में इक्तालीस हज़ार करोड़ रुपए की राशि का भुगतान हुआ है। जनजातीय समाज के पांच करोड़ लोगों के लिए “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष” अभियान प्रारंभ हुआ है। इसके लिए अस्सी हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सत्तर वर्ष और उससे अधिक उम्र के छह करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा देने का फैसला हुआ है। इन्हें हर वर्ष पांच लाख रुपये का हेल्थ कवर मिलेगा। छोटे उद्यमियों के लिए मुद्रा ऋण की सीमा दस लाख रुपए से बढ़ाकर बीस लाख रुपए कर दी गई है।

सरकार ने युवाओं की शिक्षा और उनके लिए रोज़गार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष फोकस किया है। मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा में वित्तीय सहायता देने के लिए पीएम विद्यालक्ष्मी योजना शुरू की गई है। एक करोड़ युवाओं को शीर्ष पांच सौ कंपनियों में इंटर्नशिप के अवसर भी दिये जाएंगे। पेपर लीक की घटनाओं को रोकने और भर्ती में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नया कानून लागू किया गया है। सहकार से समृद्धि की भावना पर चलते हुए सरकार ने ‘त्रिभुवन’ सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना का प्रस्ताव स्वीकृत किया है। सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में पच्चीस हज़ार बस्तियों को जोड़ने के लिए सत्तर हज़ार करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। आज जब हमारा देश अटल जी की जन्म शताब्दी का वर्ष मना रहा है, तब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना उनके विजन का पर्याय बनी हुई है। देश में अब इकहत्तर वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत ट्रेन चल रही हैं, जिनमें पिछले छह माह में ही सत्रह नई वंदे भारत और एक नमो भारत ट्रेन को जोड़ा गया है।

भारत जैसे देश की आर्थिक उन्नति मध्यम वर्ग, मिडिल क्लास की आकांक्षाओं और उनकी पूर्ति से परिभाषित होती है। मध्यम वर्ग जितने बड़े सपने देखेगा देश उतनी ही ऊंची उड़ान भरेगा। मेरी सरकार ने मुक्त स्वर से मध्यम वर्ग के योगदान को न केवल स्वीकारा है बल्कि हर मौके पर उसे सराहा भी है। सरकारी कर्मचारी भी मिडिल क्लास के अहम प्रतिनिधि हैं। हाल ही में मेरी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए आठवें वेतन आयोग के गठन का निर्णय लिया है। ये निर्णय, आने वाले वर्षों में सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बड़ी वृद्धि का आधार बनेगा।केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम के तहत पचास प्रतिशत सुनिश्चित पेंशन देने का निर्णय भी लिया गया है, जिसका व्यापक स्वागत हुआ है।

उड़ान योजना ने लगभग डेढ़ करोड़ लोगों का हवाई जहाज में उड़ने का सपना पूरा किया है। जन औषधि केंद्र में 80 प्रतिशत रियायती दरों पर मिल रही दवाओं से, देशवासियों के 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बचे हैं। हर विषय की पढ़ाई के लिए सीटों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी का बहुत लाभ मध्यम वर्ग को मिला है। राष्ट्र निर्माण में करदाता के योगदान को मेरी सरकार ने सम्मान देते हुए टैक्स से जुड़े मसलों को आसान किया है। टैक्स विवादों को कम करने के लिए फेसलेस मूल्यांकन की शुरुआत कर पारदर्शिता बढ़ाई गई है। अब देश में पचहत्तर वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को, जिन्हें सिर्फ पेंशन मिलती है, आयकर रिटर्न दाखिल करने के संबंध में स्वयं निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है।

सरकार ने अर्थव्यवस्था को पॉलिसी पैरालिसिस जैसी परिस्थितियों से उबारने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति के साथ काम किया है। कोविड और उसके बाद के हालात एवं युद्ध जैसी वैश्विक चिंताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने जो स्थायित्व एवं resilience दिखाया है, वो उसके सशक्त होने का प्रमाण है। सरकार ने Ease of doing business को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। वन नेशन वन टैक्स की भावना के तहत जीएसटी की व्यवस्था लागू की गई, जिसका फायदा सभी राज्यों को मिल रहा है। मेक इन इंडिया जैसी नीतियों के कारण अब बड़े ग्लोबल ब्रांड्स के प्रॉडक्ट्स पर भी ‘मेड इन इंडिया’ के लेबल्स दिखने लगे हैं। भारत के छोटे व्यापारी गाँव से लेकर शहरों तक, हर जगह आर्थिक प्रगति को गति देते हैं। मेरी सरकार छोटे उद्यमियों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर दे रही है।

सरकार द्वारा मुद्रा ऋण की सीमा को दस लाख रुपए से बढ़ाकर बीस लाख रुपए करने का लाभ करोड़ों छोटे उद्यमियों को हुआ है। सरकार ने क्रेडिट एक्सेस को आसान बनाया है। इससे वित्तीय सेवाओं को लोकतांत्रिक बनाया जा सका है। आज लोन, क्रेडिट कार्ड, बीमा जैसे प्रोडक्ट, सबके लिए आसानी से सुलभ हो रहे हैं। दशकों तक हमारे देश के रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाकर आजीविका चलाने वाले भाई-बहन बैंकिंग व्यवस्था से बाहर रहे। आज उन्हें पीएम स्वनिधि योजना का लाभ मिल रहा है। डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड के आधार पर उनको बिजनेस बढ़ाने के लिए और लोन मिलता है। ओएनडीसी की व्यवस्था ने डिजिटल कॉमर्स यानी ऑनलाइन शॉपिंग की व्यवस्था को समावेशी बनाया है। आज देश में छोटे बिजनेस को भी आगे बढ़ने का समान अवसर मिल रहा है।

सरकार ने दस वर्षों में प्रगति के जो नए अध्याय लिखे हैं, उनमें से एक स्वर्णिम सोपान भारत की डिजिटल क्रांति का भी है। आज भारत डिजिटल टेक्नॉलाजी की फ़ील्ड में एक प्रमुख ग्लोबल प्लेयर के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहा है। दुनिया के बड़े देशों के साथ ही भारत में 5G सर्विसेस की शुरुआत इसका एक बड़ा उदाहरण है। भारत की यूपीआई टेक्नॉलाजी की सफलता से दुनिया के कई विकसित देश भी प्रभावित हैं। आज 50 प्रतिशत से ज्यादा रियल टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहा है। सरकार ने डिजिटल टेक्नॉलाजी को सामाजिक न्याय और समानता के एक टूल के तौर पर इस्तेमाल किया है। डिजिटल पेमेंट कुछ लोगों या कुछ वर्गों तक सीमित नहीं है। भारत में छोटे से छोटा दुकानदार भी इस सुविधा का लाभ उठा रहा है।

तेज़ी से डिजिटाइज़ होते हमारे समाज में आज राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण विषय साइबर सिक्योरिटी है। डिजिटल फ्रॉड, साइबर-क्राइम और डीप फेक जैसी टेक्नॉलाजी सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती भी बनी है। इन साइबर-क्राइम को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए गए है। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी युवाओं के लिए रोज़गार की संभावनाएं हैं। सरकार साइबर सिक्योरिटी में दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। इसके फलस्वरूप भारत ने ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी इंडेक्स में टियर-1 स्टेटस प्राप्त कर लिया है। किसी भी देश का आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर न केवल उसके नागरिकों को एक बेहतर जीवन एवं देश को नई पहचान देता है, बल्कि देश को एक नया आत्मविश्वास भी देता है। बीते दशक में भारत ने वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण के कई माइल स्टोन्स तय किए हैं। इस आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से दुनिया में भारत की छवि मजबूत हुई है, इन्वेस्टर्स का भारत के प्रति भरोसा बढ़ा है, उद्योगों को बल मिला है और नए रोजगार का निर्माण हो रहा है।

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